घाघरा नदी का कहर व जिम्मेदारों की लापरवाही के भेंट इस बार श्रीराम पुरवा गांव चढ़ गया। सोमवार को श्रीराम पुरवा के घर को घाघरा काट रही थी और परिवार दूर खड़ा अपनी बर्बादी देख रहा था। सोमवार को शारदा व घाघरा नदी में सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे जलस्तर और बढ़ेगा।
क्षेत्र का श्रीराम पुरवा गांव घाघरा नदी के तट पर बसा था। यहां 48 परिवार रहते थे। घाघरा की कटान में पूरा का पूरा गांव पानी में बहता चला गया। सोमवार को महज छोटेलाल का घर ही बचा था। दोपहर के समय घाघरा के पानी ने इसे भी काटना शुरू कर दिया।
हालांकि छोटेलाल का परिवार रविवार शाम ही घर से सारा सामान निकाल कर खेतों में आ गया था। देर शाम तक कुछ दीवारें ही बची थीं, जो किसी भी वक्त घाघरा में समा जाती। गांववासी सड़कों पर डेरा डाले हैं, कई परिवार खेतों में पड़े थे। अब यहां के निवासियों के लिए श्रीरामपुरवा की बस यादें ही रह जाएंगी।
उधर घाघरा कोनी, निर्मल पुरवा, गोड़ियन पुरवा, सिसैया बाजार आदि गांवों में भी कटान कर रही है। कटान व नदी के उफान से दहशत में आए ग्रामीण घर छोड़ सड़कों का रुख कर रहे हैं। रामपुर मथुरा क्षेत्र में शुक्लन पुरवा, अंगरौरा, नया पुरवा गांव के निकट घाघरा नदी कटान कर रही है।
सोमवार को घाघरा व शारदा बैराज से 1,29,780 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे घाघरा का जलस्तर में और इजाफा होगा। हालांकि प्रशासन बाढ़ से निपटने का इंतजाम पूरा होने की बात कह रहा है।