सीतापुर। जिले में नहरों के सुचारु संचालन को लेकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग संयुक्त तौर पर निगरानी में जुटा है। सोमवार को मुख्य अभियंता एचएन सिंह ने नहरों का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों से बातचीत कर फीडबैक लेने के साथ ही मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए।
वहीं, विशेष अभियान के तहत विभागीय टीमें रात्रि गश्त कर नहरों के संचालन पर निगाह बनाए हुए हैं। जिले में 176 नहरें, रजबाहा व माइनर हैं। यह 1133 किलोमीटर लंबाई में फैली हैं। 15 दिसंबर के बाद नहरों में पानी छोड़ा गया है। मिश्रिख, महमूदाबाद व सिधौली इलाके में नहरों की पटरी क्षतिग्रस्त होने से पानी बाहर निकलने पर खेतों व रास्तों पर भरने के मामले सामने आ चुके हैं।
सोमवार को मुख्य अभियंता एचएन सिंह ने सिधौली तहसील क्षेत्र में जयपालपुर माइनर, बसन्तपुर माइनर एवं मिश्रिख तहसील में डिंगरा रजबाहा, मिश्रिख रजबाहा, जरिगवां माइनर, अर्थाना रजबाहा एवं रामकोट रजबाहा का निरीक्षण किया। इस दौरान मातहतों को नहरों के सुचारू रूप से संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गे। अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल ने बताया कि नहरों और रजबाहों की सुरक्षा निगरानी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसके तहत रात के समय किसी भी अप्रिय स्थिति या रिसाव की रोकथाम के लिए कर्मचारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। जिन क्षेत्रों में नहर के किनारे (पटरी) कमजोर या संवेदनशील मिल रही हैं, वहां पर सुदृढ़ीकरण का कार्य करने के साथ ही जेसीबी से मिट्टी के भराव और सैंड-बैग्स लगाकर किनारों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह नहरों के किनारों पर किसी भी प्रकार का अवैध कटान न करें। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता नीलेश कुमार जैन, सहायक व अवर अभियंता सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।