सपा की ओर से जारी ब्लॉक प्रमुख पद के उम्मीदवारों की सूची देख पार्टी के तमाम दिग्गजों को करारा झटका लगा है। जारी लिस्ट से निलंबित विधायकों समेत सपा के उन कद्दावर नेताओं की पैरवी को नकारते हुए करीबियों के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं।
ये लोग पिछले काफी दिनों से टिकट के लिए बड़े नेताओं से पैरवी कर रहे थे। लंबे इंतजार के बाद गुरुवार देर रात कैबिनेट मंत्री व सपा के प्रदेश महासचिव अरविंद सिंह ‘गोप’ ने जिले की 19 ब्लॉकों में से 18 पर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
जिले के दो राज्य मंत्रियों और महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष के अलावा किसी भी नेता की पैरवी का असर सपा हाईकमान पर नहीं हुआ। इनमें प्रमुख नाम ब्लॉक कसमंडा से आवेदन करने वाली पूर्व एमएलसी भरत त्रिपाठी की पुत्रवधू हर्षलीन, पिसावां से निलंबित विधायक अनूप गुप्ता के करीबी रामकिंकर पांडेय व मिश्रिख से नत्थाराम तथा बिसवां से निलंबित विधायक रामपाल यादव की बेटी दीपा यादव हैं।
पार्टी से टिकट न मिलने पर चुनावी मैदान में ताल ठोंक चुके इन नेताओं के परिवारीजन व करीबियों में हड़कंप मच गया है। ब्लॉक प्रमुखी जीतना अब इनके लिए कड़ी चुनौती साबित होगा। दिलचस्प बात यह है कि क्षेत्र में किरकिरी होने के डर से ये लोग अब मैदान छोड़ने की हालत में भी नहीं हैं।