सीतापुर। खेल प्रतियोगिताओं में देश-प्रदेश में जिले का नाम करने की चाह अब ग्रामीण स्तर के युवाओं को पूरी होती नहीं दिख रही है। ग्रामीण स्तर के खेल मैदानों की हालत जिम्मेदारों के खेल से अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है। चिह्नित मैदानों पर कहीं जिम्मेदारों ने पिलर लगाकर छोड़ दिया है तो कहीं खेल मैदान पर ताला लगा हुआ है।
मछरेहटा क्षेत्र के ग्राम पंचायत माड़र, बहोरनपुर में खेल मैदानों के लिए लाखों रुपये खर्च होने की बात जिम्मेदारों द्वारा की जाती है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और है। खेल मैदान पर बिना उपकरणों के बिलकुल खाली पड़े हैं। इन मैदानों पर खिलाड़ी तो दूर छुट्टा मवेशियों डेरा है। देख-रेख के अभाव में मैदान पर बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आई हैं। मैदान के आस-पास कई सालों बाद लगाए गए पिलर भी अब जमींदोज हो चुके है। खिलाड़ी मजबूरी वश बाग व गांव की गलियों में खेलने को मजबूर हैं।