सीतापुर। परिषदीय विद्यालय के नौनिहाल अब ब्लैकबोर्ड के बजाए कंप्यूटर से शिक्षा हासिल करेंगे। इसके लिए जिले में 427 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज बनाने को मंजूरी मिल गई है। जल्द ही यहां इलेक्ट्रानिक उपकरण पहुंचने लगेंगे।
इंटीग्रेटेड स्कीम फाॅर स्कूली शिक्षा को लेकर आईसीटी और डिजिटल इनिशिएटिव एवं इनोवेटिव प्रोग्राम फॉर मॉनीटरिंग के तहत स्मार्ट क्लास सेटअप लगाया जाएगा। भारत सरकार ने वार्षिक कार्ययोजना 2022-23 को मंजूरी दी है। इसके तहत जिले के 427 परिषदीय विद्यालय स्मार्ट बनेंगे। हर विद्यालय में प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड व टीवी लगाया जाएगा।
विद्यालयों में उपकरण लगाने की जिम्मेदारी यूपी इलेक्ट्रानिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दी गई है। इनके जरिए परिषदीय विद्यालयों में चल रहे दीक्षा एप सहित अन्य एप से नौनिहालों को पढ़ाया जाएगा। इन उपकरणों के रखरखाव की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक, प्रधान व निकटवर्ती पड़ोसी की होगी।
विद्यालयों में यह उपकरण लोहे के दरवाजे लगे कमरे में रखे जाएंगे। यह उपकरण जून में आने की उम्मीद है। जिससे जुलाई से बेहतर तरीके से पढ़ाई हो सके। डीसी प्रशिक्षण आर्य कुमार दीक्षित को इसके लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। डीसी ने बताया स्कूल चयनित हो चुके हैं, जल्द यहां व्यवस्थाएं हो सकेंगी।
300 विद्यालयों में चल रही है कक्षाएं
शासन ने भले ही 427 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज बनाने का निर्णय लिया हो। लेकिन जिले में इससे पहले 300 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज चल रही है। यह क्लासेज सामाजिक संस्थाओं व शिक्षकों ने खुद के प्रयास करके बनाई है। जिससे यहां पर बेहतर तरीके से पढ़ाई हो रही है।
इन विकासखंड़ों में चयनित हुए है विद्यालय
यह विद्यालय जिले के नगर क्षेत्र सहित 19 विकासखंड़ों के चयनित किए गए है। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय एलिया, बेहटा, बिसवां, कसमंडा, मछरेहटा व सिधौली को भी स्मार्ट क्लासेज के रूप में विकसित किया जाएगा।
अच्छी होगी शिक्षा
स्मार्ट क्लासेज का चयन हो गया है। इससे यहां पर पढने वाले नौनिहालों को बेहतर तरीके से शिक्षा मिलेंगी।
- अजीत कुमार, बीएसए