सीतापुर/नैमिषारण्य। शारदीय नवरात्र में बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की पूजा कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान होते रहे। दर्शन-पूजन का क्रम देर शाम तक चलता रहा। महिला श्रद्धालुओं ने सायंकाल भजन-कीर्तन से महामाई का गुणगान किया।
शहर के आलमनगर स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर, सिटी पावर हाउस के सामने स्थित संतोषी माता मंदिर, पंजाबी धर्मशाला के दुर्गा मंदिर व पराग डेरी के निकट स्थित काली माता मंदिर के ब्रह्म बेला में कपाट खुलते ही दर्शन पूजन का क्रम शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने जगत जननी मइया की आराधना कर परिवार के सुख व समृद्धि का वरदान मांगा। महिला श्रद्धालुओं की टोली भजन-कीर्तन में लीन रही।
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि देवी भगवती का स्कंदमाता स्वरूप नारी शक्ति और मातृ शक्ति का सजीव चरित्र है। स्कंद कुमार की माता होने के कारण इनका नाम स्कंदमाता पड़ा। वहीं, नैमिषारण्य में प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां ललिता देवी मंदिर में माता के पांचवें स्वरूप का ध्यान कर आराधना की गई। प्रातः की बेला में प्रधान पुजारी गोपाल शास्त्री ने माता की आरती उतारी। भारी भीड़ देखते हुए थाना प्रभारी नवनीत मिश्रा ने श्रद्धालुओं को लाइन में लगाकर सुगम दर्शन कराया। ललिता देवी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में दुर्गा सप्तशती, ललिता सहस्रनाम का पाठ किया। इसके अलावा ललिता आश्रम में पुजारी लाल बिहारी शास्त्री ने 108 कन्याओं को तिलक लगाकर भोजन कराया।
झंकियों के सजीव मंचन ने किया मंत्रमुग्ध
लहरपुर। तहसील क्षेत्र के देवस्थान बाबा काशीदास जीतामऊ शेरपुर में श्री दुर्गा पूजा एवं तृतीय नवरात्र महोत्सव में दुर्गा माता की प्रतिमा की स्थापना की गई। इस पावन अवसर पर भगवान के विभिन्न स्वरूपों की भव्य झांकियों का सजीव मंचन किया गया। जिसे देख कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। आयोजक खुशीराम जायसवाल ने बताया कि आरती के उपरांत प्रसाद का वितरण किया गया। सांध्य बेला में भजन संध्या के उपरांत भगवान के विभिन्न स्वरूपों की विभिन्न झांकियों का प्रदर्शन कर नृत्य व संगीत के माध्यम से भगवान की लीलाओं का मंचन किया गया।