जिले में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे में छह और नए मरीज डेंगू की चपेट में आ गए हैं। इनमें से कुछ की हालत नाजुक है। एक बच्चे को वेंटीलेटर पर रखा गया है। इन छह लोगों के साथ डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या 34 से बढ़कर 40 हो गई है। इससे हालात भयावह होते जा रहे हैं।
मछरेहटा के ग्राम परसदा निवासी कुलदीप (40) इन दिनों शहर के मोहल्ला बट्सगंज में परिवार के साथ रह रहा है। करीब एक सप्ताह से कुलदीप व उसकी पुत्री रोमियो (11) को बुखार आ रहा है। बुखार की दवा भी ले रहे थे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो रहा था। हालत इतनी खराब हो गई कि पुत्री बेहोशी में चली गई।
परिवारीजनों ने दोनों को प्राइवेट चिकित्सकों के यहां दिखाया। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने दोनों को लखनऊ रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने रोमियो की हालत नाजुक देख उसे वेंटीलेटर पर रखा है। उसकी प्लेटलेट्स 10 हजार से कम बताई जा रही हैं। इधर, मोहल्ला मुंशीगंज निवासी महिला अधिवक्ता आरती राय (30) को डेंगू हो गया।
जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। परिवार ने लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में उसे भर्ती कराया है। आरती की प्लेटलेट्स 40 हजार बताई जा रही हैं। शहर के मोहल्ला बट्सगंज में ही दो और मरीज मिले हैं। यहां के निवासी सुभाष वर्मा की पत्नी रुचि (25) व उनकी मां कलावती देवी (55) भी डेंगू की चपेट में हैं।
सास-बहू को करीब एक सप्ताह से बुखार आ है। परिवार ने जब प्राइवेट चिकित्सकों को दिखाया तो डेंगू के लक्षण मिले। उनकी प्लेटलेट्स 40 हजार से भी कम हैं। दोनों का लखनऊ से इलाज चल रहा है। इधर शहर के मोहल्ला ग्रीकगंज निवासी अतुल दीक्षित के पुत्र दिव्यांशु दीक्षित (11) को भी डेंगू हुआ है।
जिला अस्पताल के डॉ. पंकज अवस्थी ने बताया कि दिव्यांशु में डेंगू के लक्षण तो पाए गए हैं, लेकिन स्थिति खतरे से बाहर है। उसका इलाज किया जा रहा है। इन छह नए मरीजों के मिलने के बाद डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़कर 40 पहुंच गई है। अकेले शहर के मोहल्ला बट्सगंज में अब तक पांच लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं।
एक तरफ जहां डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी यह मानने को तैयार ही नही हैं, कि यहां पर डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। सीएमओ भी प्राइवेट पैथालॉजी की जांच पर सवाल उठा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का यहां तक कहना है कि जब तक एलाइजा रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि न हो, तब तक डेंगू नहीं माना जा सकता है। हालांकि लोगों का कहना है कि एक तरफ लोगों की जान पर बन रही है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य महकमा आंकड़ों के खेल में उलझा हुआ है।