अपर सत्र न्यायाधीश रामचंद्र ने एक ग्रामीण की हत्या के एक मामले में छह लोगों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने की।
संदना के ग्राम इस्माइलगंज निवासी रघुराज सिंह की 18 मई 2010 की शाम हत्या कर दी गई थी। मामले में रघुराज के चचेरे भाई नारायन सिंह ने केस दर्ज कराया था। नारायन सिंह ने बताया कि पड़ोसी गांव पहाड़पुर के रहने वाले कड़िले की बकरी व जानवर रघुराज की बाग में भूसा खा रहे थे।
रघुराज के परिवार की आशा व ऊषा ने विरोध किया तो कड़िले व उसके पुत्र बाल गोविंद, सन्नू, रामासरे व राजू तथा उनके परिवार के किशोरी व लाला हाथ में लाठी-डंडा व भाला लेकर आ गए और ऊषा को पीटने लगे। रघुराज व उनके भाई रघुनाथ जब बचाने मौके पर पहुंचे तो इन लोगों ने उन पर भी प्रहार कर दिया।
मारपीट में रघुराज की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि रघुनाथ को गंभीर चोटें आई थीं। बवाल की रिपोर्ट उसी दिन दर्ज कराई गई थी। मामले की विवेचना करते हुए पुलिस ने सभी सातों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
हालांकि सुनवाई के दौरान किशोरी की मौत हो गई थी। मामले में न्यायाधीश ने सभी छह लोगों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि अर्थदंड जमा न कर पाने की स्थिति में दोषियों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।