शासन की प्राथमिकता वाले कार्यो में अफसर रुचि नहीं ले रहे हैं। इसकी बानगी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान दिखी। बैठक से आधा दर्जन अफसर गैर हाजिर रहे। इस पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने गैर हाजिर अफसरों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
सोमवार की शाम तक 21 जून तक की विभागवार प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश अफसरों को दिए गए हैं। मालूम हो, कि आने वाली 29 जून को मुख्यमंत्री द्वारा राजधानी में 31 मार्च, 31 मई व 21 जून तक के कार्यो की अलग-अलग समीक्षा की जानी है।
जिसमें लोहिया ग्रामीण आवास, मनरेगा, पेयजल, कामधेनु, कुक्कुट पालन, फसल बीमा, खरीफ फसल, बीज, शौचालय, पंचायत चुनाव, समग्र ग्राम, सर्व शिक्षा अभियान, कौशल मिशन, समाजवादी पेंशन, राज्य पोषण मिशन, छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति, पचास लाख से ऊपर के कार्य, विद्युतीकरण, खाद्य सुरक्षा अधिनियम सहित स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की समीक्षा होगी। इसको लेकर जिला प्रशासन के अफसर हलकान हैं।
सोमवार को सीडीओ ने अफसरों को कार्यशैली सुधारने व विभागीय कार्यो को लक्ष्य के सापेक्ष पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा इसमें लापरवाही बरतने वाले अफसरों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक से डीएसओ, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत, अधिशासी अभियंता विद्युत प्रथम व द्वितीय, अधिशासी अभियंता जल निगम, उप निदेशक कृषि की गैर हाजिरी पर सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस मौके पर पीडी केके सिंह, डीडीओ डीके दोहरे, संख्याधिकारी प्रदीप कुमार, डीसी मनरेगा कमलेन्द्र कमलाकर सिंह आदि मौजूद थे।
राज्य पोषण मिशन के कार्यो की समीक्षा सीडीओ ने सोमवार को विकास भवन सभागार में की। इस दौरान उन्होंने कहा क्षेत्रों में केन्द्र न खुलने की शिकायतें लगातार आ रही हैं।
जिससे प्रतीत होता है, कि सीडीपीओ व अन्य जिम्मेदार कर्मी अपने दायित्वों का निर्वाहन करने में लापरवाही बरत रहे हैं। सीडीओ ने सभी अफसरों व कर्मियों को चेतावनी दी कि राज्य पोषण मिशन सहित केन्द्र खुलने, ग्राम स्तर पर बैठक करने व अन्य सभी विभागीय कार्यों का सही क्रियान्वयन करके अगले माह प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराएं।