फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur News: एसयूवी में फंसकर घिसटते रहे सीतापुर निवासी दंपती व बेटे, चारों की मौत

Wed, 31 May 2023 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। विकासनगर मोड़ के पास मंगलवार देर रात एक प्रॉपर्टी डीलर ने नशे में धुत होकर मौत की एसयूवी दौड़ाई। स्कूटी में टक्कर मारकर उसको करीब 100 मीटर तक घसीटता रहा। आखिर में डिवाइडर से टकराकर एसयूवी बंद हो गई। तब वह वहां से भाग निकला। हादसे में दंपती और उनके दोनों बेटों की मौत हो गई। हादसा देख राहगीरों की रूह कांप गई।
विज्ञापन




आननफानन पुलिस की मदद से क्षतविक्षत शवों को ढका और फिर मोर्चरी ले जाए गए। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किए गए। पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर राजेंद्र पाल पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।


मूलरूप से सीतापुर के लहरपुर तंबौर (गांव हैथा) निवासी राम सिंह (35) विकासनगर सेक्टर तीन में किराये के मकान में पत्नी ज्ञानवती (32) व बेटे राज (13) व अंश (8) के साथ रहते थे।
विज्ञापन

मंगलवार को वह परिवार समेत अलीगंज में बड़े मंगल पर मेला देखने गए थे। रात करीब दो बजे स्कूटी से लौट रहे थे। जैसे ही विकासनगर मोड़ से लेखराज की तरफ मुड़े वैसे ही टेढ़ी पुलिया की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बेकाबू एसयूवी ने स्कूटी में टक्कर मार दी।
स्कूटी समेत पूरा परिवार एसयूवी में फंस गया। तब भी चालक ने एसयूवी नहीं रोकी। ऐसे में सभी करीब सौ मीटर तक घिसटते चले गए। स्कूटी फंसे होने की वजह से खुद ही गाड़ी रुक गई तब चालक वहां से भाग निकला। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी।


भागने की कोशिश में चारों को मार डाला

स्कूटी में टक्कर मारने के बाद चालक ने एसयूवी रोकने का प्रयास ही नहीं किया। इस बारे में जब उससे पूछताछ की गई तब उसका कहना था कि अगर वह गाड़ी रोकता तो राहगीर मारपीट करते। इसलिए गाड़ी रोकने के बजाए दौड़ा दी। उसका कहना था कि समझ ही नहीं आया कि अचानक से क्या हो गया।

दफ्तर में पी थी शराब, भेजा गया जेल

पुलिस ने स्कॉर्पियो के नंबर से जानकारी जुटाई तो पता चला कि एसयूवी राजेंद्र पाल नाम के शख्स की है। जो तालकटोरा का रहने वाला है। कुछ ही घंटे में पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले आई थी। मेडिकल में शराब पीने की पुष्टि हुई। पूछताछ में राजेंद्र ने बताया कि वह प्रॉपर्टी का काम करता है। बख्शी का तालाब में उसका दफ्तर है। उसने वहीं पर शराब पी थी। उसके बाद वहां से निकला था। पुलिस ने दोपहर बाद उसको कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।

पूरा परिवार खत्म, पसरा मातम

राम सिंह पिछले 13 वर्षों से विकासनगर में रहकर एक टेंट हाउस में मैनेजर के तौर पर काम करते थे। हादसे की जानकारी पर उसके भाई अनिल, अमर व मनीष पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। साथ में अन्य परिजन भी थे। चार लाशों को देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। मातम पसर गया। जिस स्कूटी से राम सिंह गया था वह टेंट हाउस मालिक वीरू की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें