बच्चे की मौत के बाद मौजूद परिजन।
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सीतापुर जिले के बिसवां कस्बे के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दो माह के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। डीएम ने शिकायत मिलने पर तत्काल एसडीएम व सीएचसी अधीक्षक को मौके पर भेजा। अस्पताल का पंजीकरण एक्सपायर्ड मिला। इस पर अस्पताल का संचालन रोक दिया गया। वहीं, टीम के पहुंचते ही वहां से चिकित्सक भाग गए।
इलाके के अमर नगर निवासी रामलखन कनौजिया दो माह के बेटे नितिन को जुकाम, बुखार व खांसी की शिकायत पर मोहल्ला बगिया स्थित एक क्लीनिक पर लेकर गए थे। आरोप है कि चिकित्सक ने एक के बाद पांच इंजेक्शन लगा दिए। इनमें चार इंजेक्शन नस में लगाए। इंजेक्शन लगाने पर बच्चे को काफी दर्द हो रहा था। नस में इंजेक्शन लगाने का परिजनों ने विरोध भी किया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपतिआर से शिकायत की। डीएम ने एसडीएम बिसवां राहुल सिंह व सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कपूर को मौके पर भेजा। अफसरों ने पीड़ितों को कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत कराया।
पहले भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
बिसवां सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अमित कपूर का कहना है कि इस अस्पताल में इससे पहले भी लापरवाही के चलते मौत हो चुकी है। इस पर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। उसके बाद दूसरे चिकित्सक के नाम से पंजीकरण करवाया गया था। नये चिकित्सक का भी पंजीकरण चार माह पहले एक्सपायर्ड हो चुका है। पूरे मामले की प्राथमिक जांच करके जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है।