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Sitapur: खीरी की गन्ना समितियों में एक्सपायर हो गए करोड़ों के कीटनाशक...जांच करेंगे डीसीओ सीतापुर; जानें डिटेल

Wed, 21 Jan 2026 06:54 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर

सार

लखीमपुर खीरी की गन्ना समितियों में करोड़ों रुपये के उर्वरक व कीटनाशक एक्सपायर होने के मामले में दो लिपिकों को सीतापुर अटैच कर अनुशासनिक जांच के आदेश दिए गए हैं। डीसीओ सीतापुर सात दिन में जांच आख्या सौंपेंगे। जांच में वित्तीय अनियमितताओं और स्टॉक गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीतापुर के पड़ोसी जनपद लखीमपुर खीरी की गन्ना समितियों में करोड़ों रुपये के उवर्रकों व कीटनाशक एक्सपायर हो गये। इस मामले में उप गन्ना आयुक्त ने दो लिपिकों को सीतापुर संबद्ध करते हुए उनकी अनुशासनिक जांच के आदेश दिये हैं। डीसीओ सीतापुर रत्नेश्वर त्रिपाठी इस भ्रष्टाचार की जांच करेंगे। उन्हें सात कार्यदिवसों में अपनी जांच आख्या उप गन्ना आयुक्त को उपलब्ध करानी है। सूत्रों के अनुसार खीरी की 12 समितियों में से सात समितियों में बड़ी मात्रा में उर्वरक व कीटनाशक एक्सपायर हुआ है। जांच में यह तथ्य सामने आने से समितियों पर तैनात अन्य कार्मिकों की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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खीरी की पलिया कलां स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड के अध्यक्ष अभिषेक कुमार अवस्थी ने अगस्त 2025 में उप गन्ना आयुक्त परिक्षेत्र लखनऊ को पत्र लिखकर समिति में भ्रष्टाचार की शिकायत की। इस शिकायत के अनुसार समिति के गोदाम के ईआरपी पोर्टल पर सात करोड़ अट्ठासी लाख पैंतालीस हजार दो सौ पच्चासी रुपये के उर्वरक, कीटनाशक व अन्य स्टॉक प्रदर्शित हो रहा था लेकिन भौतिक सत्यापन में आंकड़ों में भिन्नता थी। साथ ही करोड़ों रुपये के बायोफर्टिलर, उर्वरक व कीटनाशक एक्सपायर हो चुके थे। 

उन्होंने तत्कालीन लिपिक व गोदाम प्रभारी अखिलेश कुमार दीक्षित पर जानबूझकर विभिन्न वित्तीय अनियमितताएं करने का आरोप लगाया। इस मामले की प्रारंभिक जांच में अखिलेश दीक्षित दोषी पाये गये। उन्हें सीतापुर स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड हरगांव कार्यालय से अटैच कर दिया गया। इसी मामले में खीरी की पलिया कलां गन्ना समिति के स्थायी लिपिक अमित कुमार सिंह को भी सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड महोली कार्यालय से अटैच किया गया है। उप गन्ना आयुक्त ने इन दोनों कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनिक जांच के आदेश डीसीओ सीतापुर को दिये हैं।

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उप गन्ना आयुक्त के निर्देश पर इन बिंदुओं पर होगी जांच

  • सहकारी गन्ना समिति पलियाकलां के उप खाद गोदाम मकनपुर व पलियाकलां में 26 लाख 2 हजार 57 रुपये की वित्तीय अनियमितता
  • वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक वर्षवार पल्लेदारी व अन्य मदों की धनराशि के सापेक्ष 3 लाख 28 हजार पंद्रह रुपये का समायोजन न करना व समिति धन का दुरुपयोग
  • 4 अक्तूबर 2022 से 4 सितंबर 2025 के बीच 32 लाख 57 हजार 175 रुपये मूल्य का स्टॉक एक्सपायरी होना
  • ईआरपी पोर्टल पर प्रदर्शित स्टॉक मूल्य के सापेक्ष 19 सितंबर 2025 को हुए भौतिक सत्यापन में 4 करोड़ 95 लाख 65 हजार 141 रुपये का अंतर मिलना
  • गबन को छिपाने के उद्देश्य से सहकारी गन्ना समिति पलियाकलां में वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक बैंक खातों के पाक्षिक, मासिक व वार्षिक बैंक समाधान पत्र न तैयार करना
  • समिति के बचत बैंक खातों में प्रतिवर्ष 5 से 7 करोड़ रुपये जमा रखकर समिति को ब्याज के रूप में प्राप्त होने वाली धनराशि की क्षति पहुंचाना
  • उप खाद गोदाम मकनपुर के साथ 29 अगस्त 2025 तक सेंट्रल गोदाम प्रभारी होते हुए भी मैन्योर एकाउंट रजिस्टर पर वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 तक के बायो फर्टिलाइजर व कीटनाशकों व अन्य प्रविष्टियां जान बूझकर अंकित न करना
  • गन्ना समिति पलियाकलां में प्रभारी कार्यवाहक लेखाकार पद के कार्यकाल में वर्ष 2019-20 की मैनुअल बैलैंस शीट व वर्किंग स्टेटमेंट न बनाना व वर्ष 2020-21 से 2024-25 के मैनुअल वर्किंग स्टेटमेंट्स न तैयार करना
  • जनरल लेजर, सामान्य खाता बही व इंवेस्टमेंट रजिस्टर पर वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक की मदवार प्रविष्टियां अपूर्ण रखना व उनका मासिक और वार्षिक योग भी अंकित न करना।
  • उत्तर प्रदेश सहकारी गन्ना सेवा नियमावली 1975 (अद्यावधिक संशोधित) के नियमों का उल्लंघन कर गन्ना समिति को गंभीर वित्तीय क्षति पहुंचाना।
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आरोप पत्र देने के साथ शुरू करेंगे जांच

जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि उप गन्ना आयुक्त का पत्र मिला है। खीरी की गन्ना समितियों की प्रारंभिक जांच में दोषी पाए दो कर्मियोें को सीतापुर में अटैच किया गया है। इन्हे प्रारंभिक जांच के बिंदुओं पर आरोप पत्र भेजा जाएगा। प्रारंभिक जांच के तथ्यों का परीक्षण करेंगे। दोषी कर्मचारियों को आरोप पत्र भेजकर उनका जवाब लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। जांच आख्या उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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