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शारदा में समाए दो आशियाने, 22 घरों पर मंडराया खतरा

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सीतापुर। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके में कटान थमने का नाम नहीं ले रहा है। ब्लॉक बेहटा में शारदा की बेकाबू लहरें दो मकानों और 15 एकड़ खेती वाली जमीन निगल गई। जबकि तलहटी के 22 आशियानों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
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बैरोजों से शुक्रवार को लगभग पौने तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ब्लॉक बेहटा के रतौली गांव में जलभराव कम है, लेकिन शारदा नदी के किनारे पर बने करीब 18 घर अभी भी पानी से घिरे हैं। कटान भी तेज हो गई है।
गांव के पप्पू भार्गव व रामचंद्र का घर कटान की भेंट चढ़ गया। मनोज, रामबली, बांकेलाल, मालती प्रसाद समेत करीब 20 घर कटान की कगार पर हैं। कटान के डर से लोग अपनी गृहस्थी समेटकर पलायन करने को मजबूर हैं।
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पीड़ितों के मुताबिक लेखपाल के अलावा अभी तक तहसील प्रशासन से कोई अधिकारी उनकी सुधि लेने नहीं पहुंचा है, न उन्हें कोई मदद मिली है। ब्लॉक रामपुर मथुरा के अंगरौरा, अखरी व परमगोंडा के करीब कटान तेजी से हो रहा है।
निरंकार, दीनबंधु, सूर्यमन व चंद्रमन की 3 एकड़, कनकू की 4 एकड़, लालता, गंगाधर, देवनरायन, रामफेर, संतोष, शिवदेवी, शेषनरायन तथा खेलावन की एक-एक एकड़ खेती वाली जमीन सरयू में समा गई है। परमगोंडा निवासी जसवंत व छबीले के मकान से कटान कर रही सरयू नदी महज 15 मीटर दूरी पर हिलोरें मार रही है।
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