उसकी पत्नी के साथ राखी बांधने के लिए बहन शिल्पी भी आई थी। इसके अलावा थानगांव इलाके के शंकरपुर झिसनी नरसंहार कांड के सजायाफ्ता कृपा शंकर को भी राखी बांधने के लिए उसकी बहन सुशीला पहुंची थी।
इसी तरह रेउसा के सालपुर निवासी रमाकांत की बहन पूजा, कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर निवासी दिलीप की बहन पूनम ने भी अपने भाइयों को रक्षासूत्र बांधे और उनसे रक्षा का संकल्प लिया। जेल अधीक्षक आरके जायसवाल ने बताया कि रक्षा बंधन के मौके पर बंदियों की उनकी बहनों से मुलाकात कराने के लिए व्यापक बंदोबस्त किए गए थे।
रक्षा बंधन के मौके पर 842 महिलाओं ने जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधी, वहीं छह पुरुष जेल में बंद अपनी बहनों से राखी बंधवाने पहुंचे थे। रक्षाबंधन के पर्व पर बंदियों के लिए सब्जी, पूूड़ी, हलवा आदि कई पकवान भी बनवाए गए थे।