सीतापुर। सर... मैंने सिंगनापुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से क्रेडिट कार्ड पर लोन लिया था। इसके बाद बैंक की सारी किस्त जमा कर दी। कुल छह लाख रुपये जमा किए गए। इस पर बैंक ने 5.39 लाख रुपये का नो ड्यूज जारी किया। साथ ही खाता बंद कर दिया। लहरपुर के निबौरी गांव निवासी इंद्रजीत ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में अपनी पीड़ा बयां की। बैंक अधिकारियों ने मामले का निस्तारण कराया। इसी तरह पचेहरा हरगांव निवासी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि उनका तीन साल से अधिक का बिजली का बिल बकाया था। उनका बिजली का बिल 71,041 रुपये का बना दिया गया। लोक अदालत में उन्होंने निस्तारण के लिए आवेदन किया, इस पर उन्हें 45,174 रुपये की छूट मिल गई। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,96,758 वादों का निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज नरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि इस दौरान सभी न्यायाधीशों ने समाज कल्याण विभाग व दिव्यांग विभाग के चिह्नांकित लाभार्थियों को प्रमाणपत्र व ट्राई साइकिल वितरित की। जिला जज कुलदीप सक्सेना ने जेल के बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। वहीं, एक अनूठी पहल के रूप में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में संरक्षिका फाउंडेशन के सहयोग से प्लास्टिक बोतल बैंक का भी उद्घाटन हुआ। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जया पाठक, मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी मोहम्मद गुलामुल मदार व अन्य मौजूद रहे।
शराबी पति से फिर हुआ मेल
बिसवां की कोमल अपने पति की नशेबाजी की आदत के कारण अलग हो गईं थीं, इसके बाद पति ने शराब न पीने की बात कही। पत्नी कोमल दोबारा साथ रहने के लिए राजी हो गईं। सकरन के सुमरावां निवासी उदयराम सिंह ने बताया कि उनके पिता की एक साल पहले मृत्यु हो चुकी है। उनके अनपढ़ होने का फायदा उठाकर बैंक के कुछ दलालों ने मिलीभगत कर एसबीआई से लोन करा दिया। उसका कमीशन दलाल ने ले लिया। पिता की मृत्यु के बाद बैंक का नोटिस मिलने के बाद जानकारी हुई। बैंक के अफसर बोल रहे हैं कि लोन की रकम भरनी पड़ेगी। अधिकारियों ने निस्तारण कराया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के आंकड़ों पर एक नजर
कुल निस्तारित वाद- 1,96,758
ई सी एक्ट के निस्तारित वाद- 274
अपर जिला न्यायाधीशों द्वारा निस्तारित वाद- 296
परिवार न्यायालय - 29
अपर प्रधान न्यायाधीश कोर्ट संख्या 1- 41 वाद
अपर प्रधान न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2- 51 वाद
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण- -74
सीजेएम व अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व बाह्य न्यायालय- 6525
उपभोक्ता फोरम- 14
राजस्व न्यायालय - 56881
जिला विकास अधिकारी- 75137
जिला पूर्ति अधिकारी- 3965
नगर निकाय- -53186
बैंक- 1940
पिछली लोक अदालत से 44.7 प्रतिशत अधिक वाद निस्तारित
कुल धनराशि- 13 करोड़ 52 लाख 58 हजार 579 रुपये
बॉक्स-
राष्ट्रीय लोक अदालत से ऐसे जुड़ें
अपर जिला जज नरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण समय समय पर लोक अदालतों का आयोजन करता है। इसमें पक्षकार अधिवक्ता के माध्यम से वाद को सूचीबद्ध करवा सकते हैं। साथ ही सुलह समझौते के आधार पर या जुर्म का इकबाल कर निस्तारण करवा सकते हैं।