सीतापुर। सर, हमें पास कर दीजिएगा। मेरी मां का देहांत हो गया था। इस वजह से पढ़ाई नहीं कर सका। सर, अपना लड़का समझकर मुझे पास कर दीजिएगा। जिले में चल रहे यूपी बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के दौरान छात्रों द्वारा कुछ इस तरह की अपील लिखी हुई मिल रहीं हैं। शिक्षक इसे देखकर हतप्रभ हैं। हालांकि वे उत्तर के अनुसार ही अंक देने का दावा कर रहे हैं।
उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शहर के चार परीक्षा केंद्रों पर चल रहा है। उत्तरपुस्तिकाओं में छात्रों द्वारा पास किए जाने की अपील भी लिखी हुई मिल रही हैं। शिक्षक इन्हें पढ़कर चर्चा कर रहे हैं। इंटरमीडिएट के एक विद्यार्थी ने अपनी उत्तरपुस्तिका में लिखा है कि सर, घर में बहन की शादी थी। दो माह शादी की तैयारियों में ही निकल गए। उसके बाद बोर्ड परीक्षा आ गई तो सही ढंग से तैयारी नहीं कर सके। प्लीज सर, अपना बेटा समझकर आशीर्वाद दे देना।
इस तरह की अपील करने में छात्राएं भी पीछे नहीं हैं। हाईस्कूल की एक छात्रा ने अपनी उत्तरपुस्तिका में लिखा है कि सर, पढ़ाई खूब की थी। उम्मीद थी कि मेरिट अच्छी आएगी, लेकिन अचानक एक्सीडेंट हो गया। इससे दो माह तक अस्पताल में भर्ती रही। फरवरी में किसी तरह परीक्षा दी। प्लीज सर, मेरी हालत को देखते हुए पास कर देना। इसी तरह तमाम अपील विद्यार्थियों ने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं में लिख रखा है। शिक्षकों का कहना है इस तरह की अपीलों से कोई असर नहीं पड़ता है। नंबर उतने ही दिए जा रहे हैं जितना मैटर विद्यार्थियों ने लिखा है।