मास्टरबाग। बिसवां तहसील की एक ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान ने बजट की आस में निराश्रित गोवंशाें के लिए गोशाला का आठ बीघा जमीन पर निर्माण करवा दिया। निर्माण के बाद करीब 250 गोवंशाें को उसमें संरक्षित भी कर दिया गया। अब उसके संचालन में धन की कमी रोड़ा बन रही है। निर्माण के पांच माह बीत जाने के बावजूद भुगतान अधर में लटका है। ऐसे में अब ग्राम प्रधान गांव में दानपात्र लगवाने की तैयारी कर रहे हैं।
बिसवां तहसील की शिवथाना ग्राम पंचायत में किसान निराश्रित गोवंशों की समस्या से पीड़ित थे। ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार अवस्थी ने एक अक्तूबर, 2023 से गांव में गोशाला का निर्माण शुरू कराया। उन्हें अधिकारियों ने बजट रिलीज करा देने का आश्वासन दिया था। प्रधान ने बताया कि करीब करीब 35 लाख रुपये खर्च कर गोशाला का निर्माण करवा दिया। अब भुगतान नहीं हो रहा है। गोशाला में संरक्षित गोवंशों के चारे-पानी की व्यवस्था भी निजी खर्च से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोशाला में गाय और सांड़ को लोहे के एंगल लगा कर अलग-अलग रखने की व्यवस्था है। वहीं, गोबर से खाद भी तैयार की जा रही है। गोशाला में साफ सफाई, जानवरों की अलग-अलग चन्नियों में पृथक रूप से पाइपलाइन द्वारा पानी पहुंचाने की व्यवस्था संग बिजली आपूर्ति और दो सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। चार केयरटेकर मवेशियों की देखरेख करते हैं। बजट न मिलने से काफी समस्या हो रही है।
दान दी सैलरी
गोशाला में व्यवस्थाओं के लिए अपनी सैलरी तक दान कर चुके हैं। वहीं, प्रधान भी अपने मानदेय से चारे-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। गांव में दानपात्र लगाकर ग्रामीणों से भी सहयोग की अपेक्षा की जा रही है। जो लोग पैसे, रोटी व अनाज दान कर सकते हैं, उनकी मदद ले रहे हैं। बजट कब आएगा नहीं पता।
- अनुज उमराव, ग्राम विकास अधिकारी