सीतापुर। साहब, हमारे गांव में 12 साल पहले विद्युतीकरण किया गया था। इसके बाद बिजली नहीं आई लेकिन हजारों रुपये के बिल आने लगे। हम गरीब मेहनतकश लोग बिजली मिले बगैर भारी भरकम बिल देने में असमर्थ हैं। न्याय की उम्मीद लेकर आपके पास आए हैं। इस गड़बड़झाले की जांच करवाते हुए फर्जी बिलों की देनदारी से हमें छुटकारा दिलाएं।
ये कहना है ब्लॉक कसमंडा के कल्यानपुर में रहने वाले दर्जनों ग्रामीण का। सोमवार को उन्होंने डीएम अखिलेश तिवारी से मिलकर अपनी पीड़ा बताई। डीएम ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विकासखंड कसमंडा के कल्यानपुर का अंबेडकर गांव में चयन होने पर वर्ष 2006-07 में विद्युतीकरण कराया गया था।
ग्रामीणों के मुताबिक लाइनमैन व ठेकेदार ने कहा कि लालकार्ड वालों को 12 रुपये प्रतिमाह, सफेदकार्ड वालों को 15 रुपये तथा पीले कार्ड वालों को 112 रुपये महीना देना पड़ेगा। लिहाजा, ग्रामीणों ने बिजली का कनेक्शन ले लिया। लेकिन बिजली एक दिन भी नहीं आई। लेकिन बिल आने शुरू हो गए।
किसी को 60 हजार, किसी को 50 हजार तो किसी को 70 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। विभाग में शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर बच्चूलाल, अजय कुमार, श्याम बिहारी, विनोद, सुंदरलाल समेत दर्जनों कल्यानपुर के बाशिंदों से डीएम को समस्या से अवगत कराते हुए निराकरण की गुहार लगाई।