सिधौली ब्लॉक सभागार में कड़ी सुरक्षा के बीच अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग में सपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख सुशीला यादव कुर्सी गंवा बैठीं। उन्हें सिर्फ एक वोट मिला। जबकि विपक्ष में 70 मत पड़े।
कुल 101 सदस्यों में से 71 ने मतदान किया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद एसडीएम शेरी ने समिति के गठन होने तक ब्लॉक प्रमुख का पद रिक्त होने का एलान कर दिया है।
सपा सरकार में भूमि नियोजन आयोग के अध्यक्ष रहे कमलेश यादव की पत्नी व ब्लॉक प्रमुख सुशीला यादव के खिलाफ बौनाभारी के क्षेत्र पंचायत सदस्य व पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय मौर्या की अगुवाई में 101 बीडीसी सदस्यों में से 59 ने डीएम के सामने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।
जिस पर डीएम सारिका मोहन ने मतदान के लिए 25 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई थी। मंगलवार को ब्लॉक सभागार में एसडीएम-पीठासीन अधिकारी सुश्री शेरी की मौजूदगी में सुबह 11 बजे से बैठक शुरू हुई। जिसमें 71 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल हुए।
इस दौरान ब्लॉक प्रमुख पर कई गंभीर आरोप लगे। दोपहर एक से दो बजे तक मतदान हुआ। इसके बाद हुई मतगणना में ब्लॉक प्रमुख के पक्ष में मात्र एक और अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 70 मत मिले।
परिणाम घोषित करते ही भाजपा समर्थकों के चेहरे खिल उठे। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद ब्लॉक प्रमुख का पद अग्रिम कार्रवाई तक रिक्त हो गया है। इस दौरान ब्लॉक सभागार में काफी फोर्स मुस्तैद दिखी।