24 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व जिले भर में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसे लेकर मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई है। मंदिर व आस पड़ोस साफ सफाई चल रही है।
शहर के श्याम नाथ मंदिर, जंगली नाथ बाबा, नैमिषारण्य का देव देवेश्वर मंदिर, सिधौली का सिद्धेेश्वर बाबा मंदिर इन मंदिरों का अपना अलग ही पौराणिक महत्व है। इसके कारण यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन व पूजन अर्चन करने उमड़ते है। मन्नते मांगते हैं, पूरी होने पर प्रसाद चढ़ाते हुए भंडारे का आयोजन करते है।
खुदाई में मिली थी शिव की लाट
शहर के श्यामनाथ मंदिर पर रोजाना दूरदराज से श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। इस मंदिर की मान्यता है कि प्राचीन काल में यहां पर जंगल था। यहां पर खुदाई हो रही थी इस दौरान एक शिव की लाट निकल आई। इस लाट पर फावड़े का कोई निशान नहीं लगा।
इस पर यहां पर मठ बनाते हुए लाट रख दी गई। लोग पूजा करने लगे उनकी मान्यता पूर्ण होने लगी। इसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ। तब से सावन व महाशिवरात्रि पर काफी भीड़भाड़ होती है। यह सिलसिला सुबह से लेकर देर रात तक चलता रहता है। साथ ही यहां पर श्रद्धालुओं द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है।