वे लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं, पर विभाग बजट न मिलने की दुहाई देकर पल्ला झाड़ रहा है। ऐसे में धन के अभाव में शिक्षामित्रों के जरूरी कार्य भी रुक गए है।
जिले में 4167 शिक्षामित्र है। इसमें पहले चरण में 1367 शिक्षामित्रों का समायोजन हो चुका है। जबकि दूसरे चरण में 921 समायोजित हुए। अब 1879 शिक्षामित्र समायोजन की कतार में लगे हुए हैं। वे समायोजन को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
शासन से लगातार समायोजन प्रक्रिया शुरू कराने को लेकर आंदोलित है। लेकिन अभी तक समायोजन को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका है। इससे वे परेशान है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत चयनित करीब 1600 शिक्षामित्रों को अप्रैल व मई माह का मानदेय मिला था। उसके बाद वह लगातार अध्यापन करते आ रहे है।
सात माह बीत जाने के बाद भी उनको मानदेय नहीं मिल रहा है। वही, बेसिक विभाग के तहत चयनित 279 शिक्षामित्रों को मानदेय मिल रहा है।