अपर सत्र न्यायाधीश रामचंद्र ने हत्या के प्रयास के मामले में तीन दोषियों को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने की।
रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर मथुरा निवासी राकेश ने 30 अगस्त 2011 को गांव के ही राजेश, रिंकू, राजू व जंगबहादुर के खिलाफ केस दर्ज कराया था। राकेश के मुताबिक एक दिन पूर्व हुए झगड़े के बाद अगली सुबह जब वह नित्यक्रिया के लिए जा रहा था, तभी चारों लोग अवैध असलहे, डंडा व कांता के साथ मिले और उसे जान से मारने की नियत से ललकारने लगे।
भागने पर इन लोगों ने जानलेवा फायर कर दिया, जिससे वादी व उसे बचाने के लिए अमरपाल, कुलदीप, प्रदीप व रामू को भी चोटें आईं। इसके बाद चारों दोषी वहां भाग निकले। पुलिस ने चारों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान एक आरोपी जंग बहादुर की मौत हो जाने के चलते उसका मामला खारिज कर दिया गया। न्यायालय ने मामले में तीनों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उन पर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी, कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोषियों को नौ-नौ माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।