विज्ञापन दिखाकर सस्ते दाम पर सामान देने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो विदेशी नागरिकों सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास मोबाइल, सिम, नगदी समेत एटीएम कार्ड भी बरामद हुए है।
आरोपियों के खिलाफ दिल्ली और बरेली जनपद में भी कई केस दर्ज हैं। दोनों विदेशी आरोपी नाइजीरिया के निवासी हैं। अन्य पांच आरोपी बरेली व पीलीभीत के रहने वाले हैं। सभी के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। बुधवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में एसपी घुले सुशील चंद्रभान ने घटना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्रीकगंज निवासी खुशीराम अग्रवाल ने बताया था कि उन्होंने एक्सरे की फ्रिम को ऑनलाइन एक एजेंसी के नाम पर मंगाया था। जिसके लिए उन्होंने ऑनलाइन 75 हजार रुपये का भुगतान किया था। काफी समय इंतजार करने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका था। पुलिस ने उनकी तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू की तो यह गैंग पकड़ में आया।
पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों में पीलीभीत के थाना बीसलपुर मोहल्ला गयास निवासी अकरम, वीरेन्द्र पाल निवासी मोहल्ला खकरा निकट गौरीशंकर मन्दिर पुराने डाकखाने के पास थाना कोतवाली पीलीभीत, अनस निवासी मोहल्ला वासिद निकट अल्लामिया मजार नादर खां मस्जिद थाना कोतवाली पीलीभीत, मैनेजर निवासी लटूरी थाना सीबीगंज जिला बरेली व अनवर उर्फ साहिल ग्राम मजनूपुर थाना भमौरा जिला बरेली के रहने वाले हैं।
इसके अलावा ओसूजी यू टिमोथी निवासी लोगोस्ट्रीट विक्टोरिया आइसलैंड, नाइजीरिया जिसका मौजूदा पता डेविल रोड, दिल्ली व ओलिवर निवासी लोगोस्ट्रीट विक्टोरिया आइसलैंड, नाइजीरिया जिसका मौजूद पता डफलिन रोड थाना सीकरी दिल्ली है, दोनों विदेशियों को गिरफ्तार किया गया है। अकरम और वीरेंद्र को शहर में बस अड्डे तथा अन्य सभी को पंकज ढाबा के पास से मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 75 हजार रुपये नगद, तीन एटीएम कार्ड, 12 मोबाइल व 29 सिमकार्ड बरामद हुए है।
मोबाइल से बात कर झांसे में लेते थे आरोपी
पुलिस को आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि नाइजीरियन नागरिक ओलिवर व ओसजू सस्ते रेट पर विज्ञापन दिखाकर लोगों से संपर्क करते थे। मोबाइल से बातकर ग्राहक को झांसे में लिया जाता था। अधिक से अधिक पैसा हड़पने के बाद वह पैसे को कई हिस्सों में बांट लेते थे। इसके बाद वह धोखाधड़ी में प्रयुक्त आधार कार्ड में दिये गये पते को कूटरचित तरीके से बदल देते थे। आरोपियों के खिलाफ दिल्ली तथा बरेली में भी केस दर्ज हैं। जिनके बारे में जानकारी की जा रही है। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी दक्षिणी एनपी सिंह, सीओ पियूष कुमार मौजूद रहे।
विदेशी भाषा समझने के लिए लिया शिक्षक का सहारा
विदेशी नागरिकों के पकड़ने के बाद उनकी भाषा समझने के लिए पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बाद शहर के एक शिक्षक का सहारा लिया गया, जो उनकी भाषा को समझ कर पुलिस को समझाने का काम कर रहा था।
कई जिलों में फैला है नेटवर्क
पुलिस की माने तो आरोपियों का नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ है, जिसके बारे में पुलिस जांच कर रही है। हर जिले में कुछ ऐसे लोग फैले हैं, जो खाते खुलवाने का काम करते हैं। उन्हीं खातों में पैसा ट्रांसफर किया जाता था। जिसके बाद उनको कुछ पैसा दे दिया जाता था।
ऐसे करते थे अपराध
आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन देते थे। जब लोग उनके झांसे में आ जाते थे, तो वह पहले ही खाते में पैसा मंगवा लेते थे। इसके बाद वह साइट को बंद करने के साथ ही मोबाइल नंबर बंद कर देते थे। आरोपी अक्सर कम पैसों की ठगी करते थे, इसलिए लोग ज्यादातर मामलों में शिकायतें ही नहीं करते थे। आरोपी ओसूजी मुंबई में पहले भी एक ऐसे ही मामले में पकड़ा जा चुका है।