सीतापुर। जिले के कई परिषदीय विद्यालयों में रसोइयों की कमी से मध्याह्न भोजन बनाने में आ रही बाधा जल्द दूर होगी। शासन ने एक सप्ताह के अंदर रसोइयों के चयन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में विद्यालयों में रसोइयों का चयन शुरू हो गया है।
रसोइयों के चयन में निराश्रित, विधवा व तलाकशुदा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन महिलाओं या उनके परिजनों के बच्चे विद्यालय में पढ़ते हों, उन्हें भी प्राथमिकता मिलेगी। चयनित रसोइयों को प्रत्येक माह दो हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने सभी बीईओ को निर्देश दिए हैं कि वह अपने विद्यालयों में रसोइयों की कमी का आकलन करके तीन दिन के अंदर रिपोर्ट भेजें। इसके बाद चयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह हैं मानक
विद्यालय में 25 नौनिहाल तक एक, 26 से 100 तक दो, 101 से 200 तक तीन, 201 से 300 तक चार, 301 से 1000 तक पांच, 1001 से 1500 तक छह व 1501 से अधिक बच्चों की संख्या होने पर सात रसोइया रखी जाएंगी।