झरेखापुर (सीतापुर)। 12 घंटे की सख्त ड्यूटी, उसके बाद भी सात माह से नहीं दिया मानदेय... कैसे हो गुजारा। यह कहना है जल जीवन मिशन के तहत एक कंपनी की ओर से रखे गए सुरक्षा गार्डों का। कुछ ब्लॉक के सुरक्षा गार्डों ने सात माह से मानदेय न दिए जाने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को झरेखापुर स्थित कंपनी के स्टोर पर ताला लगा कर प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे बाद कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
एल एंड टी कंपनी द्वारा पूरे जनपद के कई ब्लाकों मे जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकियां बनाई गई हैं। यहां ग्राम पंचायत स्तर से सुरक्षा गार्ड रखे गए हैं, जिनका कंपनी से सात माह का मानदेय नही मिला है। सुरक्षा गार्डों ने यह आरोप लगाते हुए बताया कि मात्र सात हजार मासिक मिलने वाला मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। इससे जीवन यापन कैसे करें।
कंपनी के मैनेजर ने पहले कहा कि एक हफ्ते में मानदेय मिल जाएगा। इसके बाद जब फोन किया तो उठाया नहीं जा रहा है। इससे सब्र का बांध टूट गया है। मजबूर होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जब तक मानदेय नहीं मिलेगा, तब तक यहीं स्टोर पर डटे रहेंगे। इनका कहना है कि हरगांव, खैराबाद, एलिया, सकरन, रेउसा आदि विकास खंडों की ग्राम पंचायतों की टंकियों पर तैनात सुरक्षा गार्डों को सात माह से मानदेय नहीं दिया गया है। स्टोर में ताला डालकर प्रदर्शन की सूचना पर दोपहर बाद कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आशुतोष मोंटी ने सुरक्षा गार्डों को आश्वासन देकर मामला शांत कराया। इस मौके पर पवन कुमार, मनजीत सिंह, छोटू, भानू सिंह, सोनू सिंह, अजीत, मुनेंद्र, सुनीत, शशांक, अंकित आदि सुरक्षा गार्ड मौजूद रहे।