सीतापुर जिलाधिकारी इंद्रवीर सिंह यादव को सदर तहसील के मुआयने में तमाम खामियां मिलीं। वहां पर सरकारी दस्तावेजों का रखरखाव दुरुस्त नहीं मिला। अभिलेख इधर-उधर फैले थे।
दाखिल खारिज का रिकॉर्ड भी अव्यवस्थित मिला। गंदगी भी फैली मिली। इस पर उन्होंने तहसीलदार को फटकार लगाई। साथ ही अभियान चलाकर अभिलेखों काे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जन मिलन कार्यक्रम में सुनवाई करने के बाद अचानक जिलाधिकारी इंद्रवीर सिंह यादव सदर तहसील पहुंच गए। उनके वहां पहुंचते ही खलबली मच गई। उन्होंने एसडीएम शेरी व तहसीलदार दिनेश कुमार सिंह के साथ तहसील का निरीक्षण कर जायजा लिया।
विभिन्न पटलों का मुआयना करने के बाद वह रजिस्ट्रार कानूनगो कक्ष में पहुंचे, जहां पर उन्होंने अभिलेखों का रखरखाव देखा। इस दौरान उनकी स्थिति दयनीय मिली। दाखिल खारिज मामले की जांच की तो पता चला कि अगस्त माह के बाद रजिस्टर में कोई इंट्री नहीं की गई है।
कंप्यूटराइज्ड आदेश भी तितर-बितर पाए। इस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अभिलेख राजस्व की जान होते हैं, जब इनका यह हाल है तो कार्य प्रणाली कैसी होगी?
उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान चलाकर अभिलेखों को दुरुस्त किया जाए व खतौनी एवं मालखाना के आंकड़ों का मिलान कराया जाए। इस कार्य में लेखपालों को भी जुटाया जाए। यह कार्य अविलंब किया जाए। इसके अलावा तहसील परिसर में गंदगी भी पाई।