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Sitapur News: सरयू की लहरों में समाया स्कूल, निशाने पर आशियाने

Sat, 08 Jul 2023 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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रामपुर मथुरा/सीतापुर। बाढ़ व कटान से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन दावा करता रहा और बेकाबू लहरों ने तबाही मचानी शुरू कर दी। सरयू के जलस्तर में शनिवार को कमी आने के साथ कटान तेज हो गई। शंकरपुरवा के तीन मकान और सोनरख पुरैना का प्राथमिक विद्यालय कटान की जद में आ गए। स्कूल का आधा हिस्सा सरयू में समा गया। आननफानन स्कूल खाली करा दिया गया। उधर, बैराजों से शनिवार को फिर 2 लाख 17 हजार 944 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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सरयू के रौद्र रूप से तराई में दहशत है। सरयू का जलस्तर शनिवार को 118.10 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार की तुलना में पानी 15 सेमी. घटा है। मगर कटान तेज हो गई है। शंकर पुरवा में हरी व रामचंद्र का पक्का मकान तथा अमरजीत की सरकारी काॅलोनी कटान की जद में आ गई। सोनरख पुरैना में बना प्राथमिक विद्यालय भी लहरों के निशाने पर हैं। इसका कुछ हिस्सा नदी में समा चुका है।
पड़ोस के स्कूल में शिफ्ट किए बच्चे, खाली कराया स्कूल
खंड शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पटेल ने बताया कि विद्यालय का भवन खाली करा दिया गया है। यहां के सभी 66 बच्चों को पढ़ाई के लिए पड़ोस के कंपोजिट विद्यालय शुकुलपुरवा में शिफ्ट कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है, कि कटान इतनी तेजी से हो रही है कि कुछ ही देर में स्कूल समेत तीन मकान जद में आ गए। अगर कटान नहीं रुका तो अन्य लोगों के आशियाने भी नदी में समा जाएंगे। इसे लेकर ग्रामीण दहशत में हैं।
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हर संभव मदद करेंगे
खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार शर्मा ने मौके पर जाकर कटान का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों को हर संभव मदद मुहैया कराए जाने का आश्वासन दिया है। उधर, तीनों बैराजों से शनिवार को फिर 2 लाख 17 हजार 944 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पिछले 24 घंटे की तुलना में 17 हजार क्यूसेक पानी अधिक डिस्चार्ज किया गया है।

बाढ़ से पहले कटान की दस्तक से गांजरवासी हलकान
सरयू का पानी अभी किनारों से बाहर नहीं निकला है। लिहाजा, आबादी में बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं लेकिन बाढ़ से पहले तेज गति से शुरू हुई कटान ने गांजर वासियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। राम भरोसे व कमलेश ने बताया कि बाढ़ आने के बाद पानी घटने पर फिर से जिंदगी पटरी पर लौट आती है। सबसे गहरे जख्म तो कटान देती है। खेत व आशियाना नदी में समाने से रहने-खाने का संकट खड़ा हो जाता है।

किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
घाघरा बैराज- 99,447 क्यूसेक
शारदा बैराज- 84,285 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 34,212 क्यूसेक

तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों को सतर्क किया गया
सरयू के तटवर्ती गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बांस, नाव, लाइफ जैकेट व अन्य सामग्री ग्रामीणों को उपलब्ध करा दी गई है। विकास खंड में बाढ़ चौकी स्थापित की गई है, जहां पर 24 घंटे के लिए तहसील प्रशासन व ब्लॉक के अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। बाढ़ आने पर दोनों टाइम पका हुआ भोजन व सरकार के निर्देशानुसार अन्य जो सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हांलाकि पानी अभी नदी की हद में बह रहा है।
- सुखवीर सिंह, तहसीलदार महमूदाबाद बाक्स
स्वास्थ्य महकमे ने बढ़ाई सक्रियता
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर मथुरा के अधीक्षक डॉ. सुशील वर्मा ने बताया कि बाढ़ चौकी पर डॉक्टरों की ड्यूटी समय अनुसार लगा दी गई है। वहां लगातार दवा वितरण कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 600 जानवरों का टीकाकरण किया गया है। वहीं,

बाढ़ राहत दल ने ग्रामीणों को सचेत किया
बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह और पीएसी बचाव दल के कंपनी कमांडर जयवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने तराई क्षेत्र का दौरा किया। पासिन पुरवा में कंपनी कमांडर ने ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के गुर सिखाए। उन्हें सचेत रहने की हिदायत दी। बच्चों को नदी से दूर रखने की सलाह बाढ़ राहत दल ने ग्रामीणों को दी है। लहरपुर तहसील क्षेत्र के सीहपुर गांव में लेखपाल व स्थानीय लोगों ने बाढ़ से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। नाव, बाढ़ चौकी, राहत की तैयारियों आदि से स्थानीय लोगों को अवगत कराया।

डीएम ने तहसील प्रशासन को अलर्ट रहने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी अनुज सिंह ने लहरपुर, बिसवां और महमूदाबाद तहसील प्रशासन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लेखपालों को गांवो में रहने, बाढ़ की प्रत्येक स्थिति की सूचना जिला प्रशासन को भेजने के साथ बाढ़ नियंत्रण, राहत व बचाव की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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