सीतापुर। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के सभी पड़ाव पर जल्द ही क्यूआर कोड वाले साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्ड पर पड़ाव स्थल के महात्म्य का हिंदी व अंग्रेजी में वर्णन अंकित होगा। साथ ही 11 भाषाओं में पड़ाव स्थल का नाम लिखा होगा। साइनेज बोर्ड पर क्यूआर कोड होगा। इसे स्कैन करते ही श्रद्धालु अपनी मनपसंद भाषा में पड़ाव स्थल के ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व की जानकारी हासिल कर सकेंगे। तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई मंदिर की तर्ज पर यह कवायद की जा रही है।
डीएम डॉ राजा गणपति आर ने बताया कि नैमिषारण्य की 84 कोसी परिक्रमा का आध्यात्मिक व पौराणिक महत्व है। इस परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। उनकी सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले सभी पड़ावों पर धातु से बने साइनेज बोर्ड स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इसमें एक प्रतीकात्मक मानचित्र पर सभी पड़ावों का नाम अंकित किया जाएगा। साथ ही संबंधित पड़ाव के बारे में सूक्ष्म जानकारी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में अंकित होगी। इससे श्रद्धालुओं को इन पड़ावों के महत्व का पता चलेगा।
साथ ही साइनेज बोर्ड पर क्यूआर कोड बना होगा। इसे स्कैन करते ही 11 भाषाओं में पड़ाव स्थल का नाम व अन्य जानकारी मिलेगी। इन भाषाओं में हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, उड़िया, पंजाबी, मराठी, गुजरती और बांग्ला शामिल है। (संवाद)