रामपुर मथुरा। सरयू नदी के जलस्तर में 20 सेमी की कमी आई है, लेकिन तटवर्ती गांवों में बाढ़ के हालात जस के तस हैं। कई घरों में अब भी पानी भरा है। संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सैकड़ों बीघा फसलें भी पानी में डूबी हैं।
अंगरौरा के पास मीटर गेज पर बुधवार को सरयू का जलस्तर 118.70 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 119 मीटर से 30 सेमी नीचे है। बैराजों से बुधवार को 3.49 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शारदा नदी का जलस्तर भी 30 सेमी घटकर 135.20 मीटर हो गया है। यह खतरे के निशान 135.49 मीटर से 29 सेमी नीचे है।
बाबा कुटी, प्यारेपुरवा, नगेश्वरपुरवा और बुचऊपुरवा समेत कई गांवों के संपर्क मार्ग अब भी डूबे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई घरों में दो फीट से अधिक पानी भरा है। घर से बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
चौका नदी की बाढ़ से भी किसानों को भारी नुकसान हुआ है। करीब दो हजार बीघे से अधिक खेतों में पानी भरा है। किसान पानी के बीच नाव से धान की बालियां काटते नजर आए। रामपुर मथुरा-महमूदाबाद मार्ग के किनारे भीगी फसल के ढेर लगे हैं। करीब 15 संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीण जोखिम उठाकर आवागमन कर रहे हैं।
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फसलों के नुकसान का कराया जाएगा सर्वे
सरयू का जलस्तर घट रहा है। अब इसके बढ़ने की उम्मीद कम है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा
-अभिषेक प्रियदर्शी, एसडीएम, महमूदाबाद