रामपुर मथुरा। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश से जिले में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। गांजर से होकर बहने वाली सरयू नदी के पानी का बहाव निचले भूभाग की ओर शुरू हो गया है। गांजरवासी करीब दो फीट तक जलस्तर में इजाफे का अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि, पानी अभी नदी में काफी नीचे है और बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन तटवर्ती इलाके में बसे गांवों के लोगों ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
रामपुर मथुरा इलाके में सरयू नदी के किनारे बसे अखरी, अंगरौरा, अटौरा, कलुवापुर, कनरखी, शुकुलपुरवा आदि गांव बाढ़ आने पर सबसे पहले चपेट में आते हैं। अंगरौरा निवासी प्रमोद कुमार बताते हैं कि सरयू का जलस्तर दो दिन में तेजी से बढ़ा है। करीब दो फीट तक पानी बढ़ने का अनुमान है। अखरी निवासी देवराज व शिवनरेश ने बताया कि बारिश होने से सरयू नदी का पानी किनारों की ओर बढ़ने लगा है। निचले क्षेत्रों की ओर पानी का बहाव तेज हो गया है। बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने ईंधन के साथ ही मवेशियों के लिए चारे का प्रबंध अभी से करना शुरू कर दिया है।
कनरखी निवासी रामशिव और सोनमती ने बताया कि बारिश शुरू होते ही नदी का जलस्तर बढ़ने लगता है। बैराजों से पानी छोड़ा जाएगा तो नदी में उफान आएगा। इस वजह से लोग अभी से अस्थायी ठिकाना बनाने में जुट गए हैं।
तटवर्ती क्षेत्रों पर रखी जा रही निगाह
बरसात के कारण सरयू नदी के जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई है। इस वृद्धि का कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। बाढ़ से संबंधित समस्त तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बैराजों से पानी छोड़े जाने पर ही नुकसान की संभावना रहती है। अभी बैराजों से पानी नहीं छोड़ा गया है। तटवर्ती क्षेत्र पर विभागीय टीमें नजर बनाए हुए हैं।
- उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार महमूदाबाद