सीतापुर। जिला अस्पताल में जांच करवाना मरीजों के लिए आसान नहीं है। सुबह 11 बजे की डेडलाइन मरीजों के लिए मुसीबत बनी हुई है। दूरदराज से आने वाले मरीज देरी से पहुंचते है तो वे उसी दिन जांच की सुविधा से वंचित हो जाते है। इससे या तो बाहर जांच करवाते हैं या अगले दिन आते हैं। गत शनिवार को करीब 25-30 मरीज जांच करवाने के लिए सैंपल लेने की गुहार लगाते रहे, लेकिन देरी से पहुंचने के कारण सैंपल नहीं लिया गया। इन मरीजों को सोमवार को फिर से जिला अस्पताल आना पड़ेगा।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी की क्षमता एक दिन में करीब 450 मरीजों की है। इस समय गर्मी में मरीज बढ़ रहे हैं तो उन्हें जांच करवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। सुबह 11 बजे के बाद जिला अस्पताल में सैंपल नहीं लिए जाते हैं।
रेउसा इलाका जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है। वहां से मरीज जिला अस्पताल तक करीब 10 बजे तक पहुंच पाते हैं। इसके बाद चिकित्सक से परामर्श लेते हैं। ऐसे में 11 बजे के बाद जब वह पैथाेलॉजी पहुंचते हैं तो उनका सैंपल नहीं लिया जाता है। इसी तरह दूरदराज के तंबौर, लहरपुर, रामपुर मथुरा, महमूदाबाद से आने वाले मरीजों की उसी दिन जांच नहीं हो पाती है। इससे वह बाहर से जांच करवाने को मजबूर होते हैं। यदि बाहर से जांच नहीं करवाते हैं तो उन्हें अगले दिन फिर आना पड़ता है। इससे परेशानी होती है।
क्षमता के अनुसार होती है जांच
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी की क्षमता के अनुसार जांच करवाई जाती है। एक दिन 450 से अधिक जांच करवाना संभव नहीं है।
डॉ. इंदर सिंह, सीएमएस