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नहीं टूटा हरैया महंत शिवराम दास का अनशन

Tue, 07 Mar 2017 11:11 PM IST
Amarujala Bureau
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नै‌म‌िष - फोटो : अमर उजाला
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84 कोसी परिक्रमा के पड़ाव स्थलों की बदहाली व अतिक्रमण के खिलाफ शुरू हुआ हरैया महंत शिवरामदास का अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। हालांकि इस दौरान अधिकारियों ने महंत को मनाने का प्रयास किया, लेकिन महंत ने अधिकारियों से मिलने से ही इन्कार कर दिया।
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महंत का कहना है कि लिखित आश्वासन मिलने तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे और लिखित आश्वासन की शर्त पर ही वे अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। मंगलवार नैमिषारण्य में देर शाम तक अधिकारी उन्हें मनाने का प्रयास करते रहे।

हरैया महंत शिवरामदास अपने सैकड़ों शिष्यों के साथ 84 कोसी परिक्रमा में शामिल हैं। वे जब जरिगवां पड़ाव पर पहुंचे, तब उनका गुस्सा फूट पड़ा। परिक्रमा के दौरान उन्हें हर पड़ाव पर अव्यवस्था का शिकार होना पड़ा। इस वजह से सोमवार को महंत अनशन पर बैठ गए।
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मंगलवार भोर वे परिक्रमा के साथ नैमिषारण्य तो पहुंच गए, लेकिन उन्होंने अपना अनशन नहीं तोड़ा। महंत का कहना है कि परिक्रमा के लगभग सारे पड़ाव स्थलों पर भू-माफिया का कब्जा है। उन्होंने कहा कि अब परिक्रमा कोल्हुआ बरेठी से गुजरेगी, रास्ते में ईट भट्ठा स्वामी ने लक्ष्मण टीला, चित्रकूट धाम आदि की भूमि को खोद डाला गया है।

पौराणिक धरोहर नष्ट हो रहीं हैं। चित्रकूट तीर्थ गुम हो गया है। बद्रीनाथ व केदारनाथ स्थल भी अतिक्रमण का शिकार हो गए हैं। 10 वें पड़ाव स्थल कोल्हुआ बरेठी में पड़ाव डालने भर का स्थान नहीं है। वहां के कुछ स्थानीय लोग परिक्रमार्थियों के साथ अभद्रता भी करते हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन परिक्रमा के पौराणिक स्थलों को दुरुस्त नहीं करता, अतिक्रमण मुक्त नहीं करता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। मंगलवार को एसडीएम मिश्रिख प्रभाकांत अवस्थी, तहसीलदार महेंद्र कुमार सिंह अन्य अधिकारियों के साथ महंत से मिलने पहुंचे।

अधिकारियों को देख महंत निकट कमरे में चले गए और दरवाजे बंद कर लिए। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी अधिकारियों ने मौखिक आश्वासन दिया था, लेकिन हुआ कुछ नहीं। इस बार जब तक लिखित आश्वासन व कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने लिखित अनशन मिलने तक अधिकारियों से मिलने से इन्कार कर दिया। उधर इस मामले में अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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