लहरपुर (सीतापुर)। अंधाधुंध बिजली कटौती से जनजीवन अस्त व्यस्त है। इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर हर दो घंटे के बाद बिजली कटौती की जा रही है। जिसके चलते लोग परेशान हैं। बिजली आने जाने का कोई समय कोई निर्धारित नहीं है। गर्मी से बेहाल लोग छतों पर सो रहे हैं। जिसके चलते क्षेत्र में चोरी की घटनाएं होने का खतरा बना हुआ है।
पावर कॉर्पोरेशन की तरफ से निर्धारित रोस्टर के अनुसार नगर क्षेत्र में 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश हैं। नगर क्षेत्र में ही आठ घंटे रोस्टिंग के नाम पर दो घंटे इमरजेंसी व बाकी दो से चार घंटे फाल्ट सही करने के नाम पर बिजली आपूर्ति बंद रहती है। जैसे-जैसे क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है वैसे-वैसे बिजली कटौती का दंश नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोग झेल रहे हैं। क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जाती है तो वोल्टेज इतना कम होता है कि बिजली होने या न होने का कोई मतलब नहीं होता है।
वोल्टेज कम होने के कारण बिजली उपकरण शोपीस बन गए हैं। क्षेत्र में लोड अधिक होने के कारण कम क्षमता के रखे ट्रांसफॉर्मर आए दिन जल जाते हैं। नगर क्षेत्र में सबसे अधिक समस्या ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद केबल टूट कर गिरने या जल जाने की आती है। प्रतिदिन नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर केबल जल जाती है। जिसको ठीक करने में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। केबल के टूटने से कई मवेशी करंट लगने से मर चुके हैं।
बिजली उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी जानकारी देने के लिए बनाए गए ग्रुप पर कभी कोई सटीक जानकारी नहीं दी जाती है।
अवर अभियंता अमरीश वर्मा ने बताया कि सभी रोस्टिंग कंट्रोल रूम से की जाती है। तार टूटने, केबल जलने की शिकायत मिलने पर निस्तारण करवाया जाता है।