परेशान होते है फरियादी
नगरपालिका गेट से कुछ ही दूरी पर सडक़ बहुत ही खराब है। सडक़ में गड्ढ़े हो गए हैं। इन गड्ढ़ों के भरने की जिम्मेदारी नगरपालिका की है। लेकिन गेट पर ही गड्ढ़ा बना हुआ है। इससे इस व्यस्त मार्ग से गुजरने वाले लोग व नगरपालिका आने वाले फरियादी काफी परेशान होते है।
नहीं भरे जा सकें गड्ढ़े
कोतवाली चौराहा से जिला व महिला अस्पताल जाने वाला मार्ग खराब पड़ा है। इस मार्ग पर 24 घंटे आवागमन होता है। हर समय भीड़ लगी रहती है। शहर का यह काफी व्यस्ततम मार्ग है। इसके बावजूद सडक़ों से गड्ढ़ें नहीं भरे जा सके है। जबकि गड्ढ़ामुक्त अभियान की मियाद पूरी होने वाली है।
महत्वपूर्ण है मार्ग
जिला अस्पताल रोड से घंटाघर जाने वाला मार्ग अपनी बदहाली पर आसू बहा रहा है। इस मार्ग पर गहरे गड्ढ़े हो गए है। जबकि इस मार्ग से होकर व्यापारी दरी मंडी, कपड़ा मंडी, चूड़ी मंडी को आते जाते है। छोटे से लेकर भारी वाहन गुजरते है। महत्वपूर्ण मार्ग होने के बाद भी इसे सही नहीं किया जा सका है।
सीतापुर। जिले में गड्ढामुक्त अभियान की मियाद समाप्त होने में महज चार दिन शेष है। इसके बावजूद सड़कों की सूरत नहीं सवर सकी है। इस अभियान में अफसरों के आवास के मार्ग जरूर लकालक कर दिए गए है। गड्ढे भरकर नई सड़क भी बना दी गई है। लेकिन आम मुसाफिरों को गुजरने वाली सड़कें खराब पड़ी है।
जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने 31 अक्तूबर तक जिले की सभी सडक़ें गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया था। इन सडक़ों की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग व नगरपालिका को दी गई थी। इस पूरे माह चले अभियान में नगरपालिका ने आंख अस्पताल से डीएम, एसपी, सीएमओ, सीडीओ सहित अन्य आलाधिकारियों के आवास को जाने वाली सड़कें दुरुस्त कर दी हैं। इसके अलावा कलेक्ट्रेट, विकास भवन व कुछ अन्य सड़कें भी गड्ढामुक्त कर दी गई है। लेकिन अधिक व्यस्ततम वाली सड़कें अभी भी सही होने की राह देख रही है। अब चार दिन में इन सड़कों को गड्ढामुक्त करने की जिम्मेदारी नगरपालिका की है। इस अवधि में धनतरेस व दिवाली का पर्व के चलते छुट्टी भी रहेगी। ऐसे में निर्धारित समयावधि में इनकी सही होने की कम ही उम्मीद दिख रही है।