रेउसा/रामपुर मथुरा (सीतापुर)। तराई इलाके में शारदा व सरयू नदी उफना रही है। जलस्तर बढ़ने से इन नदियों ने तेजी से कटान शुरू कर दिया है। कटान की जद में परमेश्वरपुरवा के सात परिवार के आधे घर कट गए है। रामपुर मथुरा ग्राम पंचायत कनरखी के छह घर कटान के मुहाने पर पहुंच गए है। इससे यह लोग पलायन कर रहे है। रविवार को लखीमपुर बैराज से 2.86 लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया है।
यह देर रात तक जिले में पहुंच जाएगा। एडीएम व अधिशाषी अभियंता ने फौजदारपुरवा का निरीक्षण कर वहां के हालात देखे। तराई इलाके में बह रही नदियों में बैराजों का लगातार पानी आ रहा है। इससे जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। कटान की चपेट में सर्वाधिक प्रभावित फौजदारपुरवा व परमेश्वरपुरवा के लोग हो रहे है।
रविवार को कटान तेज होने से परमेश्वरपुरवा के गयादीन, लालाराम, सकटू, धीरा, विश्राम, सरदार, तीरथराम के घर चपेट में आ गए है। इन लोगों के आधे घर कटान की वजह से कट गए है। घर का अभी कुछ हिस्सा बचा हुआ है। वह भी जल्द कट जाएंगे। फौजदारपुरवा में 10 बीघा जमीन कट गई है। अभी गांव के अंदर व रास्तों पर पानी नहीं पहुंचा है।
इससे लोग बाढ़ से पहले ही सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर रहे है। रविवार को लखीमपुर बैराज से सरयू नदी में 1.40 लाख क्यूसेक व शारदा नदी में 1.46 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। महमूदाबाद तहसील के रामपुर मथुरा विकासखंड में सरयू नदी के जलस्तर बढ़ने से लोग भयभीत हैं। अटौरा ग्राम पंचायत के मिश्रनपुरवा व फत्तेपुरवा, ग्राम पंचायत कनरखी के सोंतिपुरवा, अखरी व शंकरपुरवा आदि गांवों के करीब पानी पहुंच गया है। इससे इन गांवों के छह घरों पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कटान की रफ्तार इसी तरह चलती रही तो दुबेपुरवा व फत्तेपुरवा के शिवनंदन, गया प्रसाद, वुडडू, नरेंद्र, अमित कुमार, मलखे के घर कटान की जद में आ जाएंगे। इसी प्रकार सोंतिपुरवा में तीन घर कटान के नजदीक पहुंच गए है। अखरी और शंकरपुरवा में नदी तेजी से खेतों की तरफ कटान कर रही है।
एडीएम विनय पाठक व अधिशाषी अभियंता शारदा नहर विशाल पोरवाल ने फौजदारपुरवा व परमेश्वरपुरवा का निरीक्षण किया। एडीएम ने यहां पर जरूरतमंदों को तिरपाल बांटे। विशाल पोरवाल ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। नदियों के कटान रोकने का प्रयास जारी है। बैराजों से छोड़ा गया 2.86 लाख क्यूसेक पानी रात में आ जाएगा।
जान जोखिम में डाल कर रहीं लकड़ी का इंतजाम
रेउसा इलाके के नगीनापुरवा की तरफ भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को गांव की ऊषा व लाली भोजन का इंतजाम करने के लिए घर से बाहर निकली तो नदियों का पानी काफी बढ़ चुका था। घर में चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी नहीं थी। इस पर ऊषा व लाली ने अपनी जान की परवाह किए बगैर पानी के अंदर पहुंच गई। वह पानी से होते हुए अपने खेतों की तरफ गई। वहां से किसी तरह लकड़ी इकट्ठा की। उसके बाद पानी से होते हुए वापस आई। इन महिलाओं ने बताया कि पानी तो बढ़ रहा है, लेकिन लकड़ी भी जरूरत है। अगर लकड़ी नहीं लाएंगे तो घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो जाएगा।