राइस मिलर्स की हड़ताल से मंडी के कारोबार पर गहरा असर पड़ा है। रोजाना होने वाला करीब तीन करोड़ रुपये का टर्नओवर प्रभावित हो गया है। वहीं, करीब 15 लाख प्रतिदिन के राजस्व का नुकसान सरकार को उठाना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की धान खरीद नीति के विरोध में राइस मिलर्स रविवार से बेमियादी हड़ताल पर हैं।
प्रदेश व्यापी हड़ताल के तहत सीतापुर में भी रविवार से राइस मिलों में कामकाज ठप है। यूपी राइस मिलर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव अग्रवाल व विनय गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष धान की खरीद में आढ़तियों-मिलर्स को भी शामिल किया गया था।
जिसमें खरीद का 85 फीसदी धान आढ़तियों और 15 फीसदी सरकारी एजेंसियों के जरिए खरीद हुई थी। इस बार सरकार ने मिलर्स को खरीद से वंचित कर दिया। पिछले करीब 20 वर्षों से धान की कुटाई का 10 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान दिया जा रहा है।
जबकि मिलों का खर्च करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल आता है। हड़ताल को सफल करार देते हुए उन्होंने जिले की सभी 55 राइस मिलें पूरी तरह बंद होने का दावा किया है। जिले की 55 राइस मिलें बंद होने से करीब ढाई हजार मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।