पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में उत्पात मचा रहा गैंडा चौथे दिन मंगलवार को शारदा नदी पार कर लखीमपुर खीरी जिले की सीमा में प्रवेश कर गया। उसके नदी पार करने पर जिले के वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
हालांकि क्षेत्र के ग्रामीण अब भी भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से नदी पार कर गैंडा लखीमपुर चला गया है। उसी तरह से वह वापस भी आ सकता है। दुधवा जंगल से भटककर एक गैंडा शनिवार रात लहरपुर पहुंच गया था। जिसके बाद से वह क्षेत्र के खेतों में उत्पात मचा रहा था।
गैंडे के हमले में अब तक तीन लोग जख्मी भी हो चुके हैं। सोमवार शाम गैंडा सलारपुर के निकट खेतों में दिखा था। जबकि गैंडा रात को ही उस क्षेत्र से निकलकर शारदा किनारे खेतों में पहुंच चुका था। वन विभाग की टीम पैरों के निशान को देखते हुए तेजवापुर गांव पहुंची तो यहां एक खेत तक गैंडे के पगचिह्न मिले।
वन कर्मी उसकी टोह ले रहे थे, उसी वक्त गैंडा पानी पीने के लिए खेतों से बाहर आया। यहां जैसे ही वन कर्मी नजर आए, गैंडे ने नदी में छलांग लगा दी। वनकर्मी देखते रह गए और गैंडा नदी की धार को काटते हुए शारदा को पार कर लखीमपुर जिले की सीमा में चला गया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी पार लखीमपुर जिले की वन विभाग की टीम पहले से ही मौजूद थी। इस पर लहरपुर क्षेत्र में मौजूद वनकर्मी लौट गए। गैंडा तो क्षेत्र से चला गया है, लेकिन क्षेत्र के किसान अब भी भयभीत हैं। किसानों का कहना है कि जिस तरह से गैंडा नदी पार करके लखीमपुर जिले में चला गया है, उसी तरह से वह दोबारा इस जिले में आ सकता है।