सीतापुर। रेउसा को नगर पंचायत का दर्जा मिलने में अभी समय लगेगा। शासन ने जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को लोटा दिया है। प्रस्ताव में मानक के अनुसार आबादी को शामिल नहीं किया गया था। अब डीएम दोबारा संशोधित प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेंगे।
जिले में 11 नगर निकाय है, जिसमें छह नगर पालिका व पांच नगर पंचायत शामिल है। सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने रेउसा को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था। इस पर कार्यवाही शुरू कर दी गई थी। शासन ने जिलाधिकारी से नगर पंचायत के दर्जे को लेकर प्रस्ताव मांगा था।
प्रस्ताव जिले स्तर से तैयार कर भेज दिया गया था। लेकिन शासन के मानक पर प्रस्ताव के खरा न उतरने पर इसे वापस कर दिया गया। अफसरों का कहना है नगर पंचायत का दर्जा तभी मिलता है, जब उस क्षेत्र की आबादी 20 हजार से अधिक हो। अगर इससे कम आबादी है तो उसे नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिल सकता है।
पहले भेजे गए प्रस्ताव में यह आबादी कम थी। इस पर दोबारा विधायक ने नए गांव शामिल करने का अनुरोध किया है। शासन ने जिलाधिकारी से फिर से संशोधित प्रस्ताव मांगा है। इससे अब इस प्रस्ताव में नए गांवों को शामिल कर मानक को पूरा किया जाएगा।
यह मिलनी लगेगी सुविधाएं
रेउसा को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद यहां के पिछड़ेपन को दूर किया जाएगा। रेउसा में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। बिजली, पानी, सड़क, पेयजल सहित अन्य तमाम सुविधाएं होंगी।
आवासीय कॉलोनियों का निर्माण कराया जाएगा। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। जाम से मुक्ति के लिए डिवाइडर बनेगा। अन्य भी तमाम सुविधाएं भी लोगों को मिलेंगी।