रामपुर मथुरा (सीतापुर)। उफनाती सरयू फिर तटवर्ती गांवों के लोगों की परेशानी का सबब बनी है लेकिन प्रशासन सारी जरूरी तैयारियां पूरी करने का दावा कर रहा है। बीती रात 1.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर में 30 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है।
बृहस्पतिवार रात आठ बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक शारदा व घाघरा बैराज से 1.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सरयू नदी में बीती रात से 30 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है। जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती गांव अंगरौरा, अखरी, बलेसरपुरवा, बंगालीपुरवा, निरंजनपुरवा सहित करीब 50 गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
इसमें सबसे अधिक समस्या उन लोगों को हो रही है जो भूमिहीन हो चुके हैं। इनके पास पशुओं के लिए चारा भूसा का कोई प्रबंध नहीं है। दूसरे वह लोग हैं, जिनके पास खाना बनाने के लिए गैस सिलिंडर आदि का प्रबंध नहीं है। उन्हें चिंता सता रही है कि अभी तक भूसा चारा व सूखी लकड़ियों का इंतजाम न होने से बाढ़ के समय इस संकट से कैसे निपटा जाएगा। हालांकि अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं है।
अटौरा-अंगरौरा के पास लगे मीटर गेज के अनुसार जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। शुक्रवार को जलस्तर 117.30 से बढ़कर 117.60 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से एक मीटर 40 सेमी कम है। पानी का बहाव नदी के अंदर होने से नदी के किनारे लगी मेंथा, ककड़ी, चारा आदि की फसलों को जल्द निपटाने में लोग लगे है।
इस संबंध में तहसीलदार महमूदाबाद ने बताया कि बाढ़ की स्थितियों से निपटने की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गत वर्षों की तुलना में बाढ़ आने पर नुकसान बहुत कम हो, इसकी व्यवस्थाएं की गई हैं। बाढ़ पीड़ितों की मदद के सारे इंतजाम किए जा चुके हैं।