सीतापुर। प्राक्कलन समिति से संबंधित प्रकरण में शासन ने पीएम आवास योजना में प्रधानों पर दर्ज कराई गई एफआईआर पर सीडीओ व पीडी से छह बिन्दुओं पर सूचना तलब की है। इस संबंध में विभागीय लापरवाही पर असंतोष प्रकट किया है। सचिवों पर कार्रवाई न किए जाने की सूचना को गंभीरता से लिया है।
प्राक्कलन समिति (2019-20) से संबंधित लंबित प्रकरण पर प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास की अध्यक्षता में बीते माह शासन में बैठक हुई थी। इसमें सीडीओ संदीप कुमार एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए एके सिंह ने प्रतिभाग किया था। साथ ही संयुक्त सचिव ग्राम्य विकास एवं अपर आयुक्त वित्त भी मौजूद रहे।
पीएम आवास योजना ग्रामीण से संबंधित प्रकरण में कार्रवाई को लेकर जानकारी करने पर सीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि जिले के विभिन्न विकास खंडों में कुल 23 ग्राम प्रधानों के विरुद्ध इस योजना में की गई अनियमितताओं पर एफआईआर दर्ज कराई गई जिसमें छह एफआईआर स्वयं लाभार्थियों द्वारा कराई गई।
एक एफआईआर विशेष सचिव ग्राम्य विकास, एक एफआईआर अन्त्योदय मेले में ग्राम्य विकास मंत्री द्वारा स्वीकृत पत्र के बाद दी गई शिकायत के क्रम एवं 15 एफआईआर विकास खंड एंव जिला स्तरीय अफसरों के निर्देश पर की गईं। 23 प्रधानों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर में से 10 में पुलिस द्वारा साक्ष्य की पुष्टि न होने पर विवेचना समाप्त की जा चुकी है जबकि 15 एफआईआर पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल है।
सीडीओ ने प्रमुख सचिव को यह भी अवगत कराया कि किसी भी ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अथवा ग्राम सेवक के विरुद्ध कोई शिकायत नहीं है। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास के रविंद्र नायक ने इस प्रकरण के संबंध में विभागीय लापरवाही पर असंतोष प्रकट करते हुए उपस्थित अफसरों से छह बिन्दुओं पर सूचना शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।