सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग का खेल ही निराला है। एक तरफ तो शिक्षकों की कमी से 100 से अधिक विद्यालय जूझ रहे हैंं वहीं दूसरी तरफ अंतरजनपदीय तबादलों के तहत आए 360 शिक्षकों से केवल हाजिरी लगवाई गई। इसके बदले उनको 4.11 करोड़ वेतन भी दे दिया गया। ढाई माह से वह विद्यालय जाने की आस लगाए बैठे हैं। अगर समय रहते इनको विद्यालय दे दिया गया होता तो शायद पठन-पाठन प्रभावित न होता।
अंतरजनपदीय तबादलों के तहत जुलाई के प्रथम सप्ताह में विभिन्न जनपदों से 309 शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय में अपनी आमद दर्ज कराई थी। विद्यालय आंवटन न होने तक उन्हें बीएसए कार्यालय पर ही हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए थे। विद्यालय आंवटन शासन स्तर से होना है। इसके लिए कई बार प्रयास हुए लेकिन विद्यालय अलॉट नहीं हो पाया। इससे शिक्षक रोजाना कार्यालय आकर हाजिरी लगा रहे हैं।
एक शिक्षक का औसत वेतन अगर 50 हजार रुपये प्रतिमाह माना जाए तो जुलाई से 15 सितंबर तक करीब ढाई माह का वेतन 3.86 करोड़ बनता है। इसी तरह 12 व 13 अगस्त को 51 शिक्षकों ने दूसरे चरण में आमद दर्ज कराई। इन शिक्षकों का 15 अगस्त से 15 सितंबर तक एक माह का वेतन 25 लाख 50 हजार बनता है। इस तरह 360 शिक्षकों को अफसरों ने ढाई माह में 4.11 करोड़ रूपये सिर्फ वेतन के नाम पर दे दिए। इसके बदले इनसे केवल रजिस्टर पर हाजिरी लगवाई।
रिक्तियों के आधार पर मिलेंगी नियुक्ति
20 व 21 सितंबर को विद्यालय आंवटन होना है। इसके लिए सभी शिक्षकों को जानकारी दे दी गई है। ऑनलाइन तरीके से जिले में रिक्त विद्यालयों की सूची के आधार पर विद्यालय दिए जाएंगे।
अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए