पर्यावरण में संतुलन बनाने एवं भूगर्भ जल के रिचार्ज के लिए झीलों की सूरत बदलेगी। इसके लिए यहां की बदहाल झीलें चिन्हित की जाएगी। प्रशासन ने सभी झीलों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। जिले में 20 झीलें हैं, जिनमें एक समय था, जब काफी पानी जमा रहता था। इन झीलों पर साइबेरियन पक्षी भी आते थे और डेरा जमाते थे।
समय बीता और इन झीलों पर इस कदर ग्रहण लगा कि वे सूखने की कगार पर पहुंच गए। अब न तो इन झीलों में पानी नजर आ रहा है और न ही विदेशी मेहमान पक्षी। जिम्मेदारों ने इस कदर लापरवाही बरती कि झीलें अतिक्रमण का शिकार होकर संकुचित होती जा रही है।
उनका क्षेत्र घटता जा रहा है, झीलों में पानी लाने वाले मुहाने भी बंद होने की कगार पर पहुंच रहे हैं। इन दिनों भूगर्भ जल तेजी से घट रहा है, तब जिम्मेदारों का ध्यान इन झीलों ने अपनी तरफ आकर्षित किया है। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने इन झीलों के कायाकल्प के संकेत दिए हैं।
योजना के अनुसार पहले जिले की सभी झीलों को चिन्हित किया जाएगा। जिसके बाद चिन्हित झीलों में एक झील को दुरुस्त करने के लिए चिन्हित किया जाएगा। योजना तो सभी झीलों को दुरुस्त करने की है, लेकिन बजट के मुताबिक बारी-बारी से दुरुस्तीकरण का काम किया जाएगा।
चिन्हित झील में पहले ऐसा इंतजाम किया जाएगा, जिससे झील में पानी ठहर सके। वहीं झील में पानी पहुंचे, इसके लिए उसके मुहानों को भी ठीक किया जाएगा। यदि कहीं मुहाने पर अतिक्रमण है, तब अतिक्रमण हटाकर झील में पानी पहुंचाने के इंतजाम किए जाएंगे। इनमें झील की मेड़बंदी, पौध रोपण, झील व मुहाने की सफाई होगी।
जरूरत के हिसाब से झील की खुदाई और सुंदरता के लिए किनारों पर पार्कनुमा फुलवारी का इंतजाम किया जाएगा। प्रशासन की मंशा है कि जहां झील पानी रोकने के काम आए, वहीं इसकी सुंदरता भी लोगों को आकर्षित करे। सब कुछ दुरुस्त रहा तो एक बार फिर से झीलों में पर्याप्त पानी होगा, इनमें साइबेरियन पक्षी होंगे और झील के किनारे सुंदर-सी फुलवारियां होंगी।
लिहाजा झील भूगर्भ जल को तो रिचार्ज करेगी ही, वहीं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेंगी। एक झील दुरुस्त होने पर दूसरी झील को चिन्हित किया जाएगा। योजना के मुताबिक एक-एक झील को इसी तरह से चिन्हित कर, बजट के अनुसार दुरुस्त किया जाएगा।
दुरुस्त होंगी झीलें
भूगर्भ जल दुरुस्त हो, इसके लिए पहले जिले की एक झील को चिन्हित किया जाएगा और उसे दुरुस्त किया जाएगा। उसके बाद क्रमवार अन्य झीलों को भी जल संचय के लिए ठीक किया जाएगा।
-अमृत त्रिपाठी, जिलाधिकारी