सीतापुर। मानकों पर खरा न उतरने पर जिले के 616 स्कूली वाहनों में से 100 वाहनों का पंजीकरण शुक्रवार को रद्द कर दिया गया। जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में अपर जिलाधिकारी की सख्ती देख स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समिति की बैठक में एडीएम राम भरत तिवारी ने कहा कि स्कूल बस से विद्यार्थियों को लाने व ले जाने में एक घंटे से अधिक समय नहीं लगना चाहिए। अगर कोई दिक्कत आती है तो स्कूल व जिला प्रशासन को अवगत कराएं। जिन स्कूलों के वाहन अनफिट पाए गए, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
एडीएम ने डीआईओएस व बीएसए से कहा कि किसी भी हाल में अनफिट वाहनों से बच्चों को न ढोया जाए। स्कूली वाहनों में सभी मानक अनिवार्य रूप से पूरे होने चाहिए। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के तहत निजी वाहन, ई-रिक्शा व अन्य माध्यमों से आवागमन किसी भी दशा में न किया जाए।
एआरटीओ प्रशासन माला वाजपेयी ने बताया कि जिले में 616 गाड़ियां स्कूली वाहनों के रूप में पंजीकृत हैं। जिनमें से 100 वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं है। इन वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया गया है। एआरटीओ प्रवर्तन संजय कुमार गुप्ता ने अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी। वहीं, अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिह्नित किए गए ब्लैक स्पाॅट को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। बैठक में सीओ ट्रैफिक यदुवेंद्र, यात्रीकर अधिकारी शैहपर किदवई, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजशेखर, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केबी आर्या आदि मौजूद रहे।