बिसवां क्षेत्र पंचायत सदस्य बिसवां के ब्लॉक प्रमुख पद को पिछले एक माह से चल रहा सियासी घमासान का पटाक्षेप होने है। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को एसडीएम दीपेंद्र यादव की मौजूदगी में सभी क्षेत्र पंचायत सदस्य न सिर्फ परेड करेंगे, बल्कि प्रस्ताव के नोटिस पर मतदान भी करेंगे।
यह प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू होगी। शाम तक इस बात का फैसला हो जाएगा कि बिसवां की सियासत में किसका सिक्का चलता है। पिछले बरस समाजवादी पार्टी की सरकार में तत्कालीन विधायक रामपाल यादव ने अपनी बेटी दीपा यादव को उन हालातों में ब्लॉक प्रमुख पर जीत दर्ज कराकर काबिज कराया था, जब सपा से उनका निष्कासन हो चुका था।
समाजवादी पार्टी ने उनके मुकाबले राकेश कुमार वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया था। पार्टी की लाख कोशिशों और सरकारी मशीनरी की ताकत के बावजूद वर्मा मात्र दहाई में ही मत हासिल कर सके थे। इस चुनाव में उनकी बड़ी शिकस्त हुई लेकिन प्रदेश की सियासत और निजाम बदलते ही राकेश वर्मा की सियासी उड़ान को फिर पंख लग गए।
उन्होंने अपने स्वजातीय सांसद राजेश वर्मा के मार्फत भाजपा से नजदीकियां बढ़ाईं और पिछले दिनों डीएम को 92 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला नोटिस दिया था। इस पर डीएम ने आठ अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की तारीख तय की है।
तिथि तय होते ही खींचतान और जोड़तोड़ जोरों पर है। कुतुबपुर वार्ड से बीडीसी हरिश्चंद्र की गुमशुदगी का प्रकरण थाने तक भी पहुंचा और रामपाल यादव ने चुनौती दी कि अगर सत्ता का दुरुपयोग किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।