सीतापुर। कर्ज न जमा करने वाले करीब चार हजार किसानों से अब जल्द वसूली होगी। ये किसान कर्जमाफी की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब आर्यावर्त बैंक इनके खिलाफ सख्त हो गया है। प्रशासन के माध्यम से बैंक 43.58 करोड़ रुपये की वसूली की तैयारी में है।
सीतापुर परिक्षेत्र में आर्यावर्त बैंक (पूर्ववर्ती इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक) की 63 शाखाएं हैं। इनमें ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित है। इन शाखाओं से अधिकतर किसानों व विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर ऋण वितरित किया गया है। कर्जदार समय से ऋण नहीं अदा कर रहे हैं।
नतीजतन, बैंक का एनपीए बढ़ता जा रहा है। बैंक अफसरों की मानें तो रिजर्व बैंक के मानक स्तर से एनपीए बहुत ऊपर (56 प्रतिशत) तक चला गया है। जिले में आर्यावर्त बैंक का 282 करोड़ का एनपीए घोषित हो चुका है। कर्जदारों द्वारा अपना ऋण खाता नियमित नहीं किए जाने से बैंक घाटे में पहुंच गई है।
बैंक इस घाटे से उबरने के लिए सख्ती बरतने का मन बना चुकी है। दो साल से अधिक समय से लेनदेन नहीं करने वाले किसान कार्डधारकों और तीन किश्तों से अधिक के बकाएदार कर्जदारों से संपर्क कर पहले ऋण खाता नियमित करने का अनुरोध किया गया।
इसके बाद भी जिन ग्राहकों का ऋण खाता नियमित नहीं हुआ उन्हें चिह्नित कर आरसी जारी किया गया है। इन कर्जदारों के खिलाफ जल्द ही जिला प्रशासन कार्रवाई शुरू कर सकता है।
छह हजार कर्जदारों पर भी कार्रवाई की तैयारी
पिछले दो साल से अपने ऋण खाते को नियमित नहीं करने और तीन किश्तों के छह हजार बकाएदार और चिह्नित किए गए हैं। बैंक अफसर इनसे संपर्क कर ऋण खाता नियमित करने का अनुरोध कर रहे हैं। ऋण खाता नियमित नहीं होने इन छह हजार कर्जदारों के खिलाफ भी जल्द ही आरसी जारी किया जाएगा।
नहीं चेते तो देनी होगी 10 फीसदी अतिरिक्त रकम
जिन बकाएदारों के विरुद्ध आरसी जारी करने की कार्रवाई हुई है, उन पर कुल बकाया धनराशि का 10 फीसदी कलेक्शन चार्ज का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
एक लाख के बकाए पर 10 हजार की रकम तहसील प्रशासन अलग से वसूलेगा। बैंक ने इसमें रियारत करते हुए 30 जून तक की मोहलत दी है। इससे पहले अपना ऋण खाता सही कराने वाले बकाएदारों को यह अतिरिक्त रकम नहीं देनी होगी।
दो बैंकों से कर्ज लेने वालों पर दर्ज होगा केस
दो बैंकों से किसान कार्ड का ऋण लेने वाले या बैंक से ली गई ऋण परिसंपत्ति बेच देने या बैंक के धन का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध बैंक प्रबंधन एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है। इनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया जा सकता है।
वित्तीय वर्ष में किसान कार्ड बकाएदारों द्वारा रकम जमा करने पर ब्याज में छूट दी जाती है। कर्जमाफी की उम्मीद में काफी किसानों ने पिछले कई वर्षों से ऋण खाते में लेनदेन नहीं किया है। नोटिस के बाद भी जिन्होंने अपना ऋण खाता नियमित नहीं कराया है, उन्हें आरसी जारी किया गया है।
-पीएस परिहार, क्षेत्रीय प्रबंधक, आर्यावर्त बैंक