कथा में कथाव्यास रमेश भाई ओझा का अभिवादन करती राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
नैमिषारण्य/सीतापुर। कालीपीठ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का आगमन हुआ। कालीपीठाधीश गोपाल शास्त्री ने राज्यपाल को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। माता काली का दर्शन-पूजन करने के बाद राज्यपाल कथा प्रांगण में पहुंची। जहां व्यासपीठ रमेश भाई ओझा ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल ने कथा सुनी।
कथा विश्राम के बाद राज्यपाल ने रमेश भाई ओझा की संस्था के शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात में शिक्षा क्षेत्र से पिछले 30 वर्षों से जुड़ी हूं। जब मैं शिक्षा मंत्री बनीं तो आदिवासी क्षेत्र डांग जिले में स्कूलों की स्थिति देखने गई थीं। सापूथारा के सरकारी स्कूल में बच्चे ही नहीं थे। स्कूल टूटे-फूटे थे। हाॅस्टल में 8-10 बच्चे इधर-उधर घूम रहे थे। जब मैंने इसका कारण जानना चाहा तो पता चला कि इस क्षेत्र में कोई शिक्षक रहना ही नहीं चाहता है। जबकि बच्चे पढ़ने के लिए तैयार हैं।
राज्यपाल ने कहा कि तब मैंने ये नियम बनाया कि जहां दसवीं और बारहवीं कक्षा का बोर्ड रिजल्ट लगातार 30 प्रतिशत से कम आता है, ऐसे स्कूलों को अच्छी संस्थाओं को सौंप देना चाहिए। हालांकि तब हंगामा भी हुआ कि सरकारी स्कूल बेच दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी मंशा अलग थी। मैंने सबसे पहले रमेश भाई से मिलकर निवेदन किया कि सापूथारा का स्कूल आपको लेना है। उनको सौंपने के बाद जिस स्कूल में लोग जाना नहीं चाहते थे आज उस स्कूल में आदिवासी समाज के 600 बच्चे अध्ययनरत हैं।
रमेश भाई शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय काम कर रहे हैं। इसके बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रमेश भाई ओझा को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। अंत में भागवत भगवान की आरती की। इस मौके पर विधायक रामकृष्ण भार्गव, भास्कर शास्त्री, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, मुनींद्र अवस्थी, बिंद्रा प्रसाद अवस्थी, डीएम अनुज सिंह, एसपी चक्रेश मिश्र, एडीएम राम भरत तिवारी, एएसपी एनपी सिंह, एसडीएम अजय त्रिपाठी, अनिल रस्तोगी, सीओ सुशील यादव आदि मौजूद रहे ।