मौसम में अचानक बदलाव होने से रविवार रात को तेज आंधी आई। फिर झमाझम बारिश हुई। पिसावां और तंबौर में ओले गिरे। हालांकि, इनका आकार छर्रे जैसा होने के कारण किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। आंधी-पानी से कई पेड़ धराशायी हो गए।
बिजली के तार भी टूट गए। उपकेंद्र में खराबी आने से शहर में चार घंटे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। वहीं, मौसम के बदले मिजाज का असर सोमवार को दिखा। पारा पांच डिग्री लुढ़ककर 36 पर आने से लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली।
पिछले कई दिनों की तरह रविवार को भी दिनभर चिलचिलाती धूप व उमस ने लोगों को बेहाल किया। रात ढलने के बाद मौसम में अचानक बदलाव दिखने लगा। हवा तेज हो गई, जिसके कारण उमस से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। आसमान में काले बादलों के बीच रह-रहकर बिजली कौंधने लगी।
आधी रात को गरज के साथ तेज आंधी-पानी शुरू हो गया। मौसम में बदलाव से जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई। इससे शहर की बिजली गुल हो गई। सूचना पर पावर कॉर्पोरेशन के अफसर-कार्मिक विद्युतापूर्ति की बहाली में जुट गए। करीब चार घंटे काफी मशक्कत के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
जबकि ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति बहाली का प्रयास जारी था। अचानक मौसम में आए इस बदलाव से पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई। धूप से तल्खी व हवाओं से गर्मी नदारद रही। गर्मी से राहत का असर शहर की सड़कों पर साफ दिखा। अवकाश के बावजूद शहर में दिन भर गहमा-गहमी नजर आई।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बारिश से जहां सब्जी के काश्तकारों में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं, आम के बागबान फसल नुकसान को लेकर मायूस हैं।
इन दिनों भीषण गर्मी से टमाटर, लौकी, बैंगन, हरी मिर्च आदि की फसलें मुरझाने की कगार पर पहुंच गई थीं। सब्जी की खेती करने वाले गुप्तार ने बताया कि झमाझम बारिश ने कुम्हला रही सब्जी की फसल के लिए संजीवनी का काम किया है। वहीं, आंधी के कारण आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।