सीतापुर। जिले में आधार कार्ड बनवाने या फिर उसमें संशोधन के लिए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं मशीन खराब रहती है तो कहीं नेटवर्क फेल। यदि कहीं सब कुछ ठीक है तो वहां भीड़ के कारण व्यवस्था चौपट। आधार केंद्रों पर लोगों को आवेदन व संशोधन के लिए घंटों लाइन में खड़े होना पड़ रहा है। इसके बाद भी नंबर नहीं आने से मायूस होकर लोगों को लौटना पड़ता है। आलम यह है कि जिले के 42 आधार केंद्रों पर सुबह से ही लोग कतार में खड़े हो जाते हैं। शाम तक अपनी बारी आने का लंबा इंतजार करते रहते हैं।
केंद्र सरकार ने आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। प्रत्येक दस्तावेज में आधार कार्ड ही लग रहा है। जिन लोगों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है, उन्हें अब परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन लोगों के नाम, पते आदि में कुछ गलती है तो उनके लिए करेक्शन कराना चुनौती है। दरअसल, आधार बनाने और करेक्शन करने की जिम्मेदारी अब चुनिंदा बैंकों और पोस्ट ऑफिस को दे दी गई है। केंद्रों की संख्या सीमित है जबकि आधार बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक के लिए बनवाना अनिवार्य है। लिहाजा, आधार कार्ड बनवाना व उसमें संशोधन कराना लोगों के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है।
लहरपुर: एक दिन में बन पाते हैं महज 25 आधार
लहरपुर क्षेत्र में कोई भी आधार केंद्र संचालित नहीं है। आर्यावर्त बैंक शाखा शेरपुर व इंडियन बैंक शाखा सलारपुर में आधार कार्ड बनाए जाते हैं। इन केंद्रों पर सैकड़ों की संख्या में लोग रोजाना पहुंचते हैं। प्रतिदिन 20 से 25 आधार बन पाते हैं। बाकी लोगों को दो महीने बाद का टोकन दिया जाता है। महमूदाबाद में केवल दो आधार केंद्र हैं। आधार बनवाने आए त्रिलोकी, लवकुश वर्मा, शिवा, अनवार आदि ने बताया कि दोनों केंद्रों पर सिर्फ एक-एक काउंटर है। भीड़ लगने से घंटों लाइन में खड़े होना पड़ रहा है। सिधौली नगर में तीन आधार केंद्र हैं। यहां एक दिन में 60 से 70 नए आधार कार्ड बन पाते हैं। अगले दिन फिर से फॉर्म वितरित किए जाते हैं। बिसवां मार्ग स्थित भीरा गांव से आए छत्रपाल ने बताया कि बच्चों के आधार अपडेशन के लिए डाकघर आए हैं। परंतु फार्म ही नहीं मिल सका। अब दोबारा आना पड़ेगा।
मिश्रिख: तीन केेंद्र, एक हफ्ते से सर्वर ठप
मिश्रिख तहसील क्षेत्र में तीन आधार अपडेशन और बनाने के केंद्र हैं। इंडियन बैंक में संचालित आधार केंद्र के विशाल ने बताया एक हफ्ते से सर्वर नहीं आ रहा है, जिससे सेंटर बंद है। वहीं, बीआरसी में बने आधार सेंटर के ऑपरेटर शौर्य प्रकाश सिंह ने बताया हमारे यहां सभी परिषदीय स्कूलों के बच्चों के आधार बनाए जाते हैं 20 से 25 आधार कार्ड प्रतिदिन बनते हैं। डाकघर में महेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हमारे यहां लगभग 40 से 50 आधार संशोधन हो जाते हैं। 10 से 15 दिन का समय लेकर हम टोकन देते हैं। कमलेश ने बताया कि 10 दिन से चक्कर लगा रहे हैं। ऑपरेटर एक-दो दिन में बनने की बात कह रहा है। कमलापुर क्षेत्र में तीन आधार अपडेट और बनाने के केंद्र हैं। डाकघर कमलापुर की मशीन लगभग 15 दिनों से खराब है। बीआरसी कार्यालय की एक मशीन खराब है, दूसरी मशीन का आपरेटर बीमार हो गया है। इलाहाबाद बैंक में आधार अपडेट हो रहे हैं। तंबौर क्षेत्र में तीन आधार सेंटर हैं। इन पर भारी भीड़ लगती है। इंडियन बैंक बेहटा में अंकित वर्मा ने बताया कि करीब 10 दिन से हमारे यहां आधार संशोधन का कार्य नहीं किया जा रहा है। सकरन ब्लॉक के सांडा में आधार नामांकन व संशोधन कार्य बीआरसी पर किया जा रहा है। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में संचालित आधार केंद्र पिछले एक माह से बंद है।
बिचौलिये वसूल रहे चार से पांच सौ रुपये
रेउसा क्षेत्र में आर्यावर्त बैंक राजापुर, बीआरसी रेउसा व डाकखाना रेउसा में आधार बनायेए जाते हैं। सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि बीआरसी पर सिर्फ स्कूल के बच्चों का आधार बनाया व संशोधन किया जाता है। रेउसा ब्लॉक में 98 ग्राम सभाएं हैं। लाखों की आबादी है। सिर्फ तीन आधार सेंटर होने से लोगों को समस्याएं हो रही हैं। सुभाष पाल ने बताया कि तीन दिन से सर्वर ठीक से नहीं चल रहा है। सर्वर के इंतजार में लोग सुबह से शाम तक बैठे रहते हैं। कमलेश ने बताया कि 10 दिन बाद के टोकन दिए जाते हैं। बिचौलिए आधार बायोमीट्रिक के चार सौ से पांच सौ रुपये लेकर काम करवा रहे हैं।
जन्म प्रमाणपत्र फर्जी होने से रद्द हो रहे आधार के आवेदन
आधार कार्ड के आवेदन विभागीय सत्यापन के बाद बड़े पैमाने पर रद्द किए जा रहे हैं। अधिकतर रद्द आवेदनों में संलग्न जन्म प्रमाण पत्र फर्जी बताया जा रहा है। दरअसल, फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वालों का गिरोह सक्रिय है। बाजार में खुले कंप्यूटर सेंटरों से निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूल कर नकली जन्म प्रमाण पत्र बना दिए जाते हैं। विकास खंड ऐलिया में एक माह में ऐसे 42 आधार कार्ड कैंसिल हो गए हैं, जिनमें जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। दरअसल, सरकारी पोर्टल पर जन्म प्रमाण पत्र को चेक करने के लिए गवर्मेंट (crsorgi.gov.in ) द्वारा बनायेए गये लिंक से मिलती जुलती (crsorgi.4ov.in) लिंक बनाकर ये फर्जी कार्य किया जा रहा है। जब यह जन्म प्रमाण पत्र आधार बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है तो विभागीय सत्यापन में इस फर्जी लिंक के कारण प्रमाण पत्र रिजेक्ट कर दिया जाता है। इसी के चलते आधार कार्ड न बन पाने से कई छात्र कक्षा नौ में दाखिला पाने से वंचित रह गए हैं। ककरहा निवासी मौजी राम ने बताया कि बेटे का आधार बनवाने के लिए आवेदन किया था। जानकारी हुई कि रद्द हो गया है। कारण पूछने पर बताया कि जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है। जिसे जुलाई में ब्लॉक ऐलिया कार्यालय के पास एक कंप्यूटर सेंटर से बनवाया था।
जिले में कुल केंद्र- 42
तहसीलवार
सदर- 10
लहरपुर- 2
मिश्रित- 3
महोली- 20
बिसवां- 2
सिधौली- 3
महमूदाबाद- 2