सीतापुर। बनारस में मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त कराने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष की अगुवाई में सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की समाप्ति पर कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों का राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी मौजूद प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में मुख्य तौर पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और घाट का पुन निर्माण कराने के साथ माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति की स्थापना की मांग की है। साथ ही कहा गया कि घाटों के सौंदर्यीकरण का कार्य काशी के धर्माचार्यों व काशीवासियों से विचार-विमर्श के बाद ही सुनिश्चित कराया जाए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. ममता वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने सुंदरीकरण के नाम पर 10 जनवरी को मणिकर्णिका घाट को पूरी तरह ध्वस्त करा दिया है। यह स्थान वीरांगना अहिल्याबाई होलकर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण था।
ध्वस्तीकरण के बाद अहिल्याबाई होलकर की मूर्तियां को मलवे में तब्दील कर भाजपा पूर्व के इतिहास को दफन करने का प्रयास कर रही है। घोषणा की कि जल्द ही राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस इस तरह के तानाशाही रवैया के खिलाफ सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी। इस मौके पर शिव प्रकाश सिंह, बकरीदी खान, ओंमकार नाथ मिश्र, अनिल दीवान, नरेंद्र वर्मा, अतुल भार्गव, सीताराम भार्गव, अनिल कुमार नंद, हसीना अंसारी, विलाल सहित संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।