फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरगांव में बैंक कर्मियों को बंधक बना जाम की सड़क

Wed, 14 Dec 2016 11:14 PM IST
Amarujala Bureau
विज्ञापन
note - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नोटबंदी के सवा माह बाद भी बैंकों में व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। बैंकों से कैश नहीं निकाल रहा है। बुधवार को भुगतान न होने से नाराज ग्रामीणों ने मुद्रासन इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के कर्मियों को बंधक बना लिया और सड़क जाम कर दी।
विज्ञापन


ग्रामीणों का प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला, जिसकी वजह से लहरपुर-हरगांव मार्ग जाम रहा और वाहनाें की लंबी कतारें लग गईं। जिला मुख्यालय पर भी व्यवस्था बेपटरी रही। बैंक करेंसी की किल्लत से जूझते रहे। खाता धारकों को महज 5 हजार रुपये ही भुगतान कर जैसे-तैसे काम चलाया गया। जबकि ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों में कैश का संकट छाया रहा, जिससे ग्रामीणों को मायूसी हाथ लगी। जिले में महज एक ही एटीएम चल सका।

हरगांव के लोग मुद्रासन स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक पहुंचे। यहां पर लोग काफी देर से लाइन में खड़े थे लेकिन कुछ देर बाद बैंक के अधिकारियों ने भुगतान के लिए पर्याप्त कैश न होने की बात कही। इस पर ग्रामीण भड़क गए। बैंक के चैनल में ताला डाल दिया और प्रदर्शन करने लगे।
विज्ञापन


बैंक शाखा लहरपुर हरगांव रोड के किनारे हैं। जिसकी वजह से ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि जब से नोटबंदी का एलान हुआ है, इस शाखा में हमेशा कैश संकट बताया जाता है। लोगों को अपने पैसे नहीं मिल रहे हैं।

उधर, बवाल की सूचना पाकर थानाध्यक्ष हरगांव योगेंद्र सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया गया। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन चला। इससे करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था।

बैंक मैनेजर योगेश चंद्र गर्ग ने बताया कि बैंक में खाताधारकों की मांग के अनुरूप कैश नहीं था। खाताधारकों को एक-एक हजार रुपये भुगतान करने को कहा, तो लोग भड़क गए और प्रदर्शन करने लगे। 

पांच हजार रुपये देकर चलाया काम
जिला मुख्यालय की बैंकों में बुधवार को भी कैश किल्लत रही। बैंकों में इस कदर भीड़ उमड़ी कि, अधिकारियों ने कैश निकालने की सीमा मंगलवार की तरह 5 हजार रुपये ही रखी। लोग घंटों लाइन में लगने के बाद 5 हजार रुपये ही निकाल सके।

ग्रामीण क्षेत्रों का हाल ये रहा कि रामपुर मथुरा क्षेत्र की सभी बैंकों में बुधवार को कैश न आने की बात बताई जाती रही। कुछ ऐसा ही हाल लहरपुर, हरगांव, सलारपुर, महोली, मिश्रिख, मछरेहटा, परसदा, सकरन, तंबौर, रेउसा, बिसवां, महमूदाबाद, सिधौली आदि क्षेत्र की बैंकों में बुधवार को भी कैश की किल्लत रही।

ग्रामीण पहुुंचे जरूर, लेकिन उन्हें उनके ही खाते से रुपया नहीं दिया गया। जहां बैंक खाता धारकों को रुलाती रहीं, वही एटीएम भी शोपीस बने दिखे। जिले भर में मौजूद 102 एटीएम में से सिर्फ जिला मुख्यालय पर मौजूद एक्सिस बैंक का एक एटीएम ही चलता देखा गया। जबकि स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि बैंकों के एटीएम खामोश रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें